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1.40 लाख फर्जी जन्म प्रमाणपत्र बनाने वाला गिरोह धराया

Bolta Sach News
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1.40 lakh fake birth certificates

बोलता सच,गोंडा। उत्तर प्रदेश एसटीएफ ने गुरुवार रात मोतीगंज क्षेत्र के पिपरा भिटौरा गांव में बड़ी कार्रवाई करते हुए फर्जी जन्म और मृत्यु प्रमाणपत्र बनाने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया। टीम ने दो सगे भाइयों समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से फर्जी प्रमाणपत्र, नकदी, एटीएम कार्ड और कई अहम दस्तावेज बरामद हुए हैं।

एसटीएफ के मुताबिक, आरोपी अब तक 1.40 लाख फर्जी जन्म प्रमाणपत्र और 25 हजार फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र तैयार कर चुके हैं।


ऐसे हुआ खुलासा

एसटीएफ की लखनऊ यूनिट के डिप्टी एसपी सुधांशु शेखर ने बताया कि टीम को फर्जी वेबसाइट और पोर्टल के जरिए जन्म–मृत्यु प्रमाणपत्र बनाकर सरकारी योजनाओं, बैनामा और वसीयत में धोखाधड़ी करने की सूचना मिली थी।

जांच के दौरान शुक्रवार को सूचना मिली कि गिरोह का एक सदस्य लाल बिहारी पाल हरदोई से कार से लखनऊ आ रहा है। टीम ने दुबग्गा चौराहे से उसे गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उसने बताया कि वह हरदोई के अहिरौली गांव में ग्राम पंचायत अधिकारी के पद पर कार्यरत है और गोंडा निवासी रवि वर्मा के साथ मिलकर यह फर्जीवाड़ा करता है।


गोंडा में छापा, चार और गिरफ्तार

लाल बिहारी की निशानदेही पर एसटीएफ ने गोंडा के पिपरा भिटौरा गांव में छापा मारा और रवि वर्मा, उसके भाई सोनू वर्मा, तथा साथियों बंशराज वर्मा और सत्यरोहन वर्मा को गिरफ्तार कर लिया।

एसटीएफ ने आरोपियों के पास से

  • 5 मोबाइल फोन

  • 14 आयुष्मान कार्ड

  • 7 एटीएम कार्ड

  • 25 फर्जी जन्म प्रमाणपत्र

  • 5 मृत्यु प्रमाणपत्र

  • ₹27,690 नकद

  • ड्राइविंग लाइसेंस, हार्ड डिस्क और एक कार
    बरामद की है।


फर्जी वेबसाइट से चलता था रैकेट

पूछताछ में रवि वर्मा ने खुलासा किया कि उसने एक ऑनलाइन वेबसाइट बनाकर उसमें कूटरचना की थी और अपने साथियों को लॉगिन आईडी व पासवर्ड देकर उसी से फर्जी प्रमाणपत्र तैयार करवाता था।
प्रत्येक प्रमाणपत्र के लिए आरोपी 600 से 1000 रुपये तक वसूलते थे। रवि अपने सहयोगियों से प्रति जन्म प्रमाणपत्र ₹30 और मृत्यु प्रमाणपत्र पर ₹70 यूपीआई के माध्यम से अपने पिता के खाते में मंगवाता था।

गौरतलब है कि रवि वर्मा के खिलाफ इससे पहले भी कोतवाली नगर में जालसाजी का मुकदमा दर्ज है।


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