जानकारी के मुताबिक, 17 जनवरी को सोलापुर हाईवे पर कपिलधारवाड़ी इलाके में खड़ी एक कार से सचिन जाधावर का शव बरामद हुआ था। पुलिस ने उस समय घटनास्थल से एक सुसाइड नोट मिलने की पुष्टि की थी, जिसमें काम से जुड़ी परेशानियों का जिक्र बताया गया था।
पत्नी ने लगाए गंभीर आरोप
शुक्रवार को मृतक की पत्नी मयूरी जाधावर बीड के पुलिस अधीक्षक नवनीत कांवट से मिलने पहुंचीं। भावुक मयूरी ने आरोप लगाया कि उनके पति को दफ्तर में लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था। उन्होंने कहा कि यह प्रताड़ना सिर्फ पेशेवर जीवन तक सीमित नहीं थी, बल्कि उनके पूरे परिवार को डराने की कोशिश की गई।
मयूरी के अनुसार, एक बार उनके छोटे बेटे को स्कूल से अगवा करने का प्रयास किया गया। इसके अलावा, दफ्तर के बाहर सचिन की कार को जानबूझकर टक्कर मारी गई और उनके साथ गाली-गलौज की गई। मयूरी का कहना है कि इन घटनाओं ने उनके पति को मानसिक रूप से पूरी तरह तोड़ दिया था।
पुलिस पर देरी का आरोप
मृतक अधिकारी की पत्नी ने पुलिस पर भी गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना है कि मामले में केस दर्ज करने में देरी की गई और अब तक सुसाइड नोट परिवार को नहीं दिखाया गया है। मयूरी ने कहा कि परिवार को सच्चाई जानने का पूरा अधिकार है।
न्याय की मांग को लेकर धरना
न्याय की मांग को लेकर शुक्रवार को जाधावर परिवार के कई सदस्य बीड ग्रामीण पुलिस थाने के बाहर धरने पर बैठ गए। परिवार की मांग है कि सुसाइड नोट में जिन लोगों के नाम दर्ज हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों द्वारा निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिए जाने के बाद ही परिवार ने अपना प्रदर्शन समाप्त किया।