मुख्यमंत्री ने पत्रकारिता को कभी बेलगाम न होने देने का आह्वान करते हुए कहा कि इसे हमेशा मूल्यों और जिम्मेदारी के साथ आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत में पत्रकारिता का मूल उद्देश्य राष्ट्र सेवा, समाज सेवा और ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ की भावना को मजबूत करना रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि समाज को गुमराह करने वाली पत्रकारिता से बचना आवश्यक है, क्योंकि इससे लोकतंत्र कमजोर होता है।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र संवाद से चलता है और आलोचना को व्यक्तिगत रंजिश नहीं माना जाना चाहिए। पत्रकारिता को समाज का आईना बताते हुए उन्होंने कहा कि यह जनविश्वास का प्रतीक है, इसलिए सही और गलत के बीच स्पष्ट अंतर बनाए रखना जरूरी है।
मुख्यमंत्री ने ऐतिहासिक संदर्भ देते हुए महात्मा गांधी और बाल गंगाधर तिलक का उल्लेख किया, जिन्होंने पत्रकारिता को देश सेवा का माध्यम बनाया। उन्होंने बताया कि तिलक ने 1916 में लखनऊ से “स्वराज मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है” का नारा दिया, जिसने स्वतंत्रता आंदोलन को नई दिशा दी।
हिंदी पत्रकारिता के इतिहास पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 30 मई 1826 को कोलकाता से जुगुल किशोर शुक्ल द्वारा हिंदी के पहले समाचार पत्र ‘उदंत मार्तण्ड’ की शुरुआत की गई थी। उन्होंने कहा कि विपरीत परिस्थितियों के बावजूद पत्रकारिता ने लोकतंत्र को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है और यह यात्रा पिछले 200 वर्षों से निरंतर जारी है। उन्होंने ‘सत्यमेव जयते’ की भावना को भारतीय पत्रकारिता का आधार बताया।
सरकार की नीतियों पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में अपराध और भ्रष्टाचार के प्रति शून्य सहिष्णुता की नीति अपनाई गई है और जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पत्रकारों के कल्याण के लिए भी सरकार ने कई कदम उठाए हैं, जिनमें आवासीय योजनाएं और मान्यता प्राप्त पत्रकारों के लिए नकद रहित चिकित्सा सुविधा शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर और विकसित भारत के निर्माण में पत्रकारिता की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है और सरकार हमेशा मूल्य-आधारित पत्रकारिता के साथ खड़ी रहेगी।
कार्यक्रम के दौरान गोरखपुर जर्नलिस्ट्स प्रेस क्लब की नई कार्यकारिणी का भी गठन हुआ। महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव ने पदाधिकारियों को शपथ दिलाई। ओंकार धर द्विवेदी को अध्यक्ष, धनेश कुमार को उपाध्यक्ष और पंकज श्रीवास्तव को महामंत्री बनाया गया। इसके अलावा महेंद्र गौड़ संयुक्त मंत्री, दुर्गेश यादव कोषाध्यक्ष और संजय कुमार पुस्तकालय मंत्री नियुक्त हुए।
गौरतलब है कि गोरखपुर जर्नलिस्ट्स प्रेस क्लब की स्थापना 1998 में हुई थी, जिसमें तत्कालीन मुख्यमंत्री कल्याण सिंह का विशेष सहयोग रहा था।
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