बोलता सच,गोरखपुर। उत्तर प्रदेश के गोरखपुर से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने दो वर्षों से बेटे की तलाश में भटक रहे माता-पिता के जीवन में फिर से खुशियां लौटा दीं। जन्म के महज दो दिन बाद लापता हुआ मासूम आखिरकार पुलिस की सक्रियता से सकुशल बरामद कर लिया गया। बेटे को सामने देखकर मां की आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े और वह उसे सीने से लगाकर देर तक रोती रही।
महराजगंज जिले के आनंद नगर निवासी हृदेश यादव ने बताया कि करीब दो वर्ष पहले उनकी पत्नी ने गोरखपुर के पीपीगंज थाना क्षेत्र स्थित एक निजी अस्पताल में बेटे को जन्म दिया था। प्रसव के दो दिन बाद मां और नवजात को अस्पताल से छुट्टी मिल गई। घर लौटते समय अचानक बच्चे की तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद उन्होंने अपने बहनोई अभय यादव को फोन कर मदद मांगी।
हृदेश के अनुसार, बहनोई मौके पर पहुंचा और उसने बच्चे को अस्पताल ले जाने की बात कही। रिश्ते पर भरोसा करते हुए उन्होंने नवजात को उसके साथ भेज दिया, जबकि वह पत्नी को लेकर घर चले गए।
बहनोई ने कहा था—बच्चे की हो गई मौत
कुछ समय बाद जब हृदेश ने बच्चे के बारे में जानकारी मांगी तो बहनोई लगातार टालमटोल करता रहा। बाद में उसने दावा किया कि अस्पताल में इलाज के दौरान बच्चे की मौत हो गई थी और उसने तत्काल परिवार को यह जानकारी नहीं दी।
यह सुनकर परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। हालांकि बच्चे की मां को इस बात पर विश्वास नहीं हुआ। उसे हमेशा लगता रहा कि उसका बेटा जीवित है और कहीं न कहीं मौजूद है।
सुराग मिलने पर सक्रिय हुई पुलिस
परिजनों ने बच्चे की काफी तलाश की, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली। इसके बाद पीपीगंज थाने में शिकायत दर्ज कराई गई। जांच के दौरान परिवार को सूचना मिली कि बच्चे को लावारिस बताकर किसी अन्य व्यक्ति को सौंप दिया गया था। यह जानकारी मिलते ही पुलिस ने जांच तेज कर दी।
लगातार प्रयासों के बाद रविवार को पुलिस ने बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया और इसकी सूचना उसके माता-पिता को दी। थाने पहुंचकर जैसे ही मां ने अपने बेटे को देखा, वह उसे गले लगाकर फूट-फूटकर रोने लगी। पिता की आंखें भी नम हो गईं।
मां ने भावुक होकर कहा कि उसने कभी अपने बेटे के जीवित होने की उम्मीद नहीं छोड़ी थी। उसे पूरा भरोसा था कि एक दिन उसका लाल जरूर वापस मिलेगा।
पुलिस ने सौंपा बच्चा, कार्रवाई जारी
इस मामले में गोरखपुर के एसपी नॉर्थ ज्ञानेंद्र कुमार ने बताया कि सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम ने सक्रियता दिखाते हुए बच्चे को सुरक्षित बरामद कर लिया। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद बच्चे को उसके माता-पिता को सौंप दिया गया है।
उन्होंने कहा कि मामले में मिली तहरीर के आधार पर आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है और पूरे प्रकरण की जांच जारी है।
दो साल बाद बेटे की वापसी ने एक परिवार को नई जिंदगी दे दी है। यह घटना न केवल एक मां के अटूट विश्वास की कहानी है, बल्कि पुलिस की सतर्कता और प्रयासों का भी उदाहरण बन गई है।
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1 thought on “दो साल बाद मां की गोद में लौटा खोया हुआ लाल, थाने में बेटे को देखकर फूट-फूटकर रोई मां”