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‘सुपर सुखोई’ मिशन तेज: भारतीय वायुसेना बढ़ाएगी Su-30MKI की ताकत, HAL हर साल बनाएगा 50 इंजन

Bolta Sach News
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Super Sukhoi Mission Tej

बोलता सच,नई दिल्ली : भारतीय वायुसेना ने अपने सबसे भरोसेमंद लड़ाकू विमान Su-30MKI को और अधिक आधुनिक एवं घातक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। इसके तहत इन विमानों को ‘सुपर सुखोई’ मानक में अपग्रेड किया जाएगा। इस योजना को गति देने के लिए हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) को हर साल बनने वाले AL-31FP इंजन की संख्या 30 से बढ़ाकर 50 करने का लक्ष्य दिया गया है।

रक्षा मंत्रालय ने सितंबर 2024 में करीब 26,000 करोड़ रुपये की लागत से 240 AL-31FP इंजनों की खरीद के लिए HAL के साथ समझौता किया था। इस परियोजना का उद्देश्य भारतीय वायुसेना की परिचालन क्षमता को मजबूत करना और भविष्य की जरूरतों के लिए पर्याप्त इंजन उपलब्ध कराना है।

भारतीय वायुसेना के बेड़े में वर्तमान में 259 से अधिक Su-30MKI लड़ाकू विमान सक्रिय हैं। इनमें से अधिकांश विमान 2010 के दशक के मध्य में सेवा में शामिल हुए थे और अब उनके मूल इंजन अपनी निर्धारित सेवा अवधि के अंतिम चरण में पहुंच रहे हैं। ऐसे में आने वाले वर्षों में नए इंजनों की मांग तेजी से बढ़ने की संभावना है।

इसी जरूरत को देखते हुए HAL ने वर्ष 2030 तक हर साल 50 इंजन तैयार करने का लक्ष्य तय किया है। इससे न केवल समय पर इंजन प्रतिस्थापन संभव होगा, बल्कि वायुसेना के लिए पर्याप्त रिजर्व स्टॉक भी उपलब्ध रहेगा।

HAL इंजन निर्माण में स्वदेशीकरण पर भी विशेष जोर दे रहा है। मौजूदा AL-31FP इंजनों में स्थानीय स्तर पर निर्मित पुर्जों की हिस्सेदारी 54 प्रतिशत से अधिक है, जिसे मौजूदा उत्पादन कार्यक्रम के अंत तक बढ़ाकर 63 प्रतिशत करने की योजना है। इसके लिए HAL देश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSMEs) के साथ मिलकर काम कर रहा है, ताकि विदेशी आपूर्ति श्रृंखला पर निर्भरता कम की जा सके।

AL-31FP इंजन की प्रमुख खूबियां

  • थ्रस्ट वेक्टरिंग नोजल ±15 डिग्री तक घूम सकता है, जिससे Su-30MKI हवा में बेहद तीखे मोड़ लेने और उच्च स्तर की फुर्ती दिखाने में सक्षम होता है।
  • इंजन लगभग 12,000 किलोग्राम-फोर्स तक का शक्तिशाली थ्रस्ट उत्पन्न करता है, जिससे विमान को सुपरसोनिक गति हासिल करने में मदद मिलती है।
  • इंजन के नोजल, आफ्टरबर्नर और कंप्रेसर ब्लेड जैसे हिस्सों को जरूरत पड़ने पर आसानी से बदला या मरम्मत किया जा सकता है।
  • ऊंचाई, तेज गति और प्रतिकूल परिस्थितियों में भी यह इंजन स्थिर एवं भरोसेमंद प्रदर्शन देता है।

Su-30MKI की मारक क्षमता

Su-30MKI भारतीय वायुसेना का प्रमुख बहुउद्देशीय लड़ाकू विमान है। यह हवा में ईंधन भरने की क्षमता के कारण लंबी दूरी तक बिना रुके मिशन पूरा कर सकता है। यह ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल सहित कई आधुनिक हथियारों को ले जाने में सक्षम है। विमान लगभग 8,000 से 12,000 किलोग्राम तक का बाहरी हथियार भार उठा सकता है और करीब 3,000 किलोमीटर तक की दूरी पर प्रभावी अभियान चलाने की क्षमता रखता है।

‘सुपर सुखोई’ अपग्रेड और इंजन उत्पादन में बढ़ोतरी से भारतीय वायुसेना की युद्धक क्षमता, आत्मनिर्भरता और भविष्य की परिचालन तैयारियों को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है।


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