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MMMUT दीक्षांत समारोह में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल का संदेश: शिक्षा के साथ संस्कार भी जरूरी, हॉस्टलों में नशे पर जताई चिंता

Bolta Sach News
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at MMMUT convocation
बोलता सच,गोरखपुर : मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (MMMUT) के दीक्षांत समारोह में उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने विद्यार्थियों को केवल डिग्री ही नहीं, बल्कि अच्छा चरित्र और नैतिक मूल्यों का भी महत्व समझाया। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे बेटियों को उच्च शिक्षा देने के साथ-साथ उनमें संस्कार, संवाद और पारिवारिक मूल्यों का विकास भी सुनिश्चित करें।

अपने संबोधन में राज्यपाल ने कहा कि आज बेटियां शिक्षा, विज्ञान, खेल और अन्य क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कर रही हैं, लेकिन समाज में बढ़ती पारिवारिक समस्याएं और रिश्तों में तनाव चिंता का विषय हैं। उन्होंने कहा कि परिवार को मजबूत बनाए रखने के लिए संस्कार, सम्मान और आपसी संवाद बेहद जरूरी हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जब बेटियां शिक्षा और सम्मान दोनों हासिल कर रही हैं, तो फिर उनके भीतर बढ़ती मानसिक परेशानियों के कारणों पर समाज, परिवार और शिक्षण संस्थानों को गंभीरता से विचार करना चाहिए।

राज्यपाल ने विश्वविद्यालय परिसर में अनुशासन और स्वच्छता को लेकर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए विश्वविद्यालय भेजा जाता है, न कि नशे की आदतें अपनाने के लिए। उन्होंने विशेष रूप से विश्वविद्यालय के एक छात्रावास का उल्लेख करते हुए कहा कि वहां कूड़े में शराब की बोतलें और सिगरेट के पैकेट मिलने जैसी बातें बेहद चिंताजनक हैं। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन को निर्देश दिया कि छात्र-छात्राओं की भागीदारी से एक निगरानी समिति बनाई जाए, जो परिसर में अनुशासन, स्वच्छता और नशामुक्त वातावरण सुनिश्चित करने में सहयोग करे।

आनंदीबेन पटेल ने कहा कि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य केवल रोजगार या डिग्री प्राप्त करना नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदार नागरिक तैयार करना भी है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे अपने ज्ञान और कौशल का उपयोग देशहित में करें तथा विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं।

राज्यपाल ने प्राथमिक विद्यालयों के विद्यार्थियों की प्रतिभा की भी सराहना करते हुए कहा कि यदि उन्हें समय पर उचित अवसर और मार्गदर्शन मिले तो वे भविष्य में वैज्ञानिक, शिक्षक, जनप्रतिनिधि और विभिन्न क्षेत्रों के सफल नेतृत्वकर्ता बन सकते हैं। उन्होंने विश्वविद्यालयों से नैतिक शिक्षा और सामाजिक जिम्मेदारी को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान देने की अपील की।

दीक्षांत समारोह के दौरान राज्यपाल ने विश्वविद्यालय की शैक्षणिक उपलब्धियों की प्रशंसा करते हुए विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं भी दीं।



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