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वेस्ट यूपी में समीकरण साधने में जुटे जयंत चौधरी, भाईचारे के नारे से मुस्लिम-ब्राह्मण-त्यागी को जोड़ने की कोशिश

Bolta Sach News
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Balancing equations in West UP
बोलता सच,मेरठ : राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) के अध्यक्ष जयंत चौधरी पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अपने पारंपरिक जनाधार को मजबूत बनाए रखने की रणनीति पर काम कर रहे हैं। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के साथ गठबंधन के बावजूद वह अपने दादा चौधरी चरण सिंह और पिता चौधरी अजित सिंह की “भाईचारा” राजनीति को आगे बढ़ाने पर जोर दे रहे हैं।
राजनीतिक हलकों में माना जा रहा है कि इस रणनीति के पीछे जयंत चौधरी की नजर मुस्लिम, ब्राह्मण और त्यागी समाज को साधने पर है। खासकर वेस्ट यूपी में बीजेपी के साथ गठबंधन के बाद मुस्लिम वोटरों के दूर होने की आशंका जताई जा रही है, जबकि त्यागी समाज के बीच भी बीजेपी को लेकर कुछ नाराजगी की चर्चा रही है।

ईकड़ी रैली से दिया बड़ा संदेश

शनिवार को मेरठ जिले के ईकड़ी गांव (बागपत लोकसभा क्षेत्र) में आयोजित जनसभा में जयंत चौधरी ने कई राजनीतिक मुद्दों पर बात की, लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा उनके भाईचारे के नारे को लेकर रही। उन्होंने साफ किया कि रालोद अपने मूल सिद्धांत—सामाजिक सौहार्द और एकता—से पीछे नहीं हटेगी।
दरअसल, 2013 के मुजफ्फरनगर दंगे के बाद जाट और मुस्लिम समुदाय के बीच आई दूरी को कम करने के लिए रालोद पहले भी “भाईचारा बढ़ाओ” अभियान चला चुकी है। अब एक बार फिर उसी रणनीति को मजबूत करने की कोशिश की जा रही है।

मुस्लिम वोट बैंक पर फोकस

विश्लेषकों का मानना है कि बीजेपी के साथ गठबंधन के कारण रालोद के पारंपरिक मुस्लिम समर्थकों में असहजता हो सकती है। ऐसे में जयंत चौधरी का यह संदेश उन्हें फिर से जोड़ने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि, इसका वास्तविक असर 2027 के विधानसभा चुनाव में ही स्पष्ट होगा।

ब्राह्मण-त्यागी समाज को साधने की कवायद

इसी के साथ जयंत चौधरी ब्राह्मण और त्यागी समाज को भी जोड़ने में सक्रिय हैं। उन्होंने मेरठ में अनिकेत भारद्वाज को जिलाध्यक्ष बनाकर इस वर्ग को प्रतिनिधित्व देने का संदेश दिया। ईकड़ी गांव में रैली कर उन्होंने इस समाज को महत्व देने का संकेत भी दिया।
रैली के दौरान उन्होंने युवा नेतृत्व को आगे बढ़ाने की बात कही और अनिकेत भारद्वाज पर भरोसा जताते हुए कहा कि वह भविष्य में बड़ी भूमिका निभा सकते हैं। इसके साथ ही उन्होंने पुराने सामाजिक संबंधों का जिक्र कर ब्राह्मण-त्यागी समाज से रालोद के जुड़ाव को रेखांकित किया।

2027 चुनाव पर नजर

जयंत चौधरी ने अपने संबोधन में साफ संकेत दिए कि उनकी रणनीति 2027 के विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखकर तैयार की जा रही है। उन्होंने मेरठ के रासना क्षेत्र में स्टेडियम बनवाने की घोषणा कर स्थानीय स्तर पर जुड़ाव बढ़ाने की कोशिश भी की।
कुल मिलाकर, जयंत चौधरी वेस्ट यूपी में सामाजिक समीकरणों को साधते हुए सभी वर्गों को साथ लेकर चलने की रणनीति पर काम कर रहे हैं, ताकि आने वाले चुनावों में रालोद को राजनीतिक बढ़त मिल सके।

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