शंकराचार्य के शिष्य एडवोकेट मनीष पांडेय ने प्रेस वार्ता में बताया कि यात्रा के लिए प्रशासन को अनुमति हेतु आवेदन दिया गया है, लेकिन अभी तक अनुमति नहीं मिली है। उन्होंने कहा कि यह यात्रा गोमाता की रक्षा और सम्मान के उद्देश्य से निकाली जा रही है। अगर सरकार इस मुद्दे पर गंभीर नहीं हुई, तो जनता मतदान के जरिए जवाब देगी।
2 मई को स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद गोरखपुर के सहारा स्टेट परिसर पहुंचेंगे, जहां स्थित भारत माता मंदिर से वे यात्रा का औपचारिक संदेश देंगे। इसके बाद यात्रा गोरक्षपीठ नगरी से आगे बढ़ेगी, जिसमें सैकड़ों गाड़ियों का काफिला शामिल होगा। इस यात्रा में बड़ी संख्या में धर्मानुयायी और कानूनविद भी भाग लेंगे।
आयोजकों के अनुसार, यात्रा सहारा स्टेट से निकलकर सहजनवा, खजनी, बांसगांव, चिल्लुपार होते हुए चौरी-चौरा पहुंचेगी, जहां रात्रि विश्राम होगा। इसके बाद 4 मई को यात्रा गोरखपुर से निकलकर हाटा, रामकोला, खड्डा, पडरौना, तमकुहीराज और फाजिलनगर की ओर बढ़ेगी।
एडवोकेट मनीष पांडेय ने कहा कि विभिन्न एजेंसियों और पुलिस द्वारा लगातार जानकारी ली जा रही है, लेकिन अनुमति को लेकर अब तक कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला है। उन्होंने यह भी कहा कि यह कोई राजनीतिक सभा नहीं, बल्कि जागरूकता अभियान है, जो लंबे समय से गोमाता संरक्षण के लिए चलाया जा रहा है।