साल 2024-25 के लिए जारी केंद्रीय अनुबंध सूची में विराट कोहली, रोहित शर्मा, जसप्रीत बुमराह और रवींद्र जडेजा को ए+ ग्रेड में शामिल किया गया था। हालांकि, कोहली और रोहित शर्मा टी20 अंतरराष्ट्रीय और टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले चुके हैं, जबकि रवींद्र जडेजा अब टी20 प्रारूप नहीं खेलते। मौजूदा समय में केवल जसप्रीत बुमराह ही ऐसे खिलाड़ी हैं जो तीनों प्रारूपों में भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।
ए+ ग्रेड क्यों हो रहा है खत्म
स्पोर्ट्स्टार से बातचीत में देवजीत सैकिया ने कहा,
“हम इस रणनीति पर आगे बढ़ने जा रहे हैं और एक श्रेणी को हटा रहे हैं। ए+ ग्रेड के लिए खिलाड़ी को तीनों प्रारूपों में नियमित रूप से खेलना जरूरी है, लेकिन अब इस मापदंड को पूरा करने वाले पर्याप्त खिलाड़ी नहीं हैं। एक ही फॉर्मेट में खेलने वाला खिलाड़ी ए+ ग्रेड के लिए योग्य नहीं हो सकता, इसलिए यह फैसला लिया गया है।”
उन्होंने यह भी साफ किया कि इस बदलाव से बोर्ड को कोई समस्या नहीं है और यह निर्णय पूरी तरह से पात्रता मानदंडों के आधार पर लिया गया है।
किस ग्रेड में कितनी सैलरी
बीसीसीआई की केंद्रीय अनुबंध प्रणाली के तहत
कॉन्ट्रैक्ट सिस्टम का उद्देश्य
बीसीसीआई का केंद्रीय अनुबंध सिर्फ खिलाड़ियों को सालाना वेतन देने का जरिया नहीं है, बल्कि यह एक सुव्यवस्थित प्रणाली है, जिसके तहत प्रदर्शन, निरंतरता, विभिन्न प्रारूपों में योगदान और चयनकर्ताओं के आकलन के आधार पर खिलाड़ियों को पुरस्कृत किया जाता है।
2024-25 की अनुबंध सूची
साल 2024-25 के लिए घोषित केंद्रीय अनुबंध सूची में कुल 34 खिलाड़ियों को शामिल किया गया था।
-
4 खिलाड़ी ए+ ग्रेड में
-
6 खिलाड़ी ए ग्रेड में
-
5 खिलाड़ी बी ग्रेड में
-
19 खिलाड़ी सी ग्रेड में
बीते कुछ वर्षों में बीसीसीआई ने केंद्रीय अनुबंध को लेकर कई अहम और कभी-कभी विवादित फैसले भी लिए हैं। अब ए+ ग्रेड को हटाने का फैसला इसी क्रम में एक और बड़ा बदलाव माना जा रहा है।