बोलता सच,अमरावती : पवन कल्याण ने बांग्लादेश में जेल में बंद चिन्मय कृष्ण दास प्रभु को जमानत दिए जाने की मांग की है। आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री और जनसेना प्रमुख पवन कल्याण ने कहा कि चिन्मय कृष्ण दास लंबे समय से जेल में हैं और उन्हें तत्काल चिकित्सा सहायता व निष्पक्ष न्याय मिलना चाहिए।
“वकीलों को धमकाया जा रहा, फिर न्याय कैसा?”
पवन कल्याण ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि अगर किसी संत की ओर से अदालत में पैरवी करने वाले वकीलों को भी धमकाया जा रहा हो, तो ऐसे में न्याय की उम्मीद कैसे की जा सकती है। उन्होंने कहा कि दुनिया यह सब देख रही है और सवाल उठाया कि क्या बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय के अधिकारों की बात करना ही उनका अपराध है।
मेडिकल सहायता और जमानत की मांग
पवन कल्याण ने बांग्लादेश सरकार से अपील की कि चिन्मय कृष्ण दास को तुरंत मेडिकल सहायता उपलब्ध कराई जाए और उन्हें जल्द से जल्द जमानत दी जाए। उन्होंने यह भी कहा कि जब भगवा वस्त्र पहनने वाला कोई व्यक्ति अपनी आवाज उठाता है और उसके साथ अपराधियों जैसा व्यवहार किया जाता है, तो इस पर दुनिया चुप नहीं रह सकती।
2024 में हुई थी गिरफ्तारी
जानकारी के अनुसार, चिन्मय कृष्ण दास बांग्लादेश में इस्कॉन के प्रचारक के रूप में कार्य करते हैं। उन्हें नवंबर 2024 में आयोजित एक रैली के दौरान कथित तौर पर बांग्लादेश के राष्ट्रीय ध्वज के अपमान के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। पुलिस ने 25 नवंबर 2024 को उन्हें हिरासत में लिया था, जिसके बाद से वह जेल में हैं।
हाईकोर्ट से मिली जमानत पर सुप्रीम कोर्ट की रोक
रिपोर्ट के मुताबिक मई 2025 में बांग्लादेश हाईकोर्ट ने चिन्मय कृष्ण दास को जमानत दे दी थी, लेकिन बाद में सुप्रीम कोर्ट ने उस फैसले पर रोक लगा दी। इसके बाद उनके खिलाफ अन्य मामलों में भी कार्रवाई जारी रही और वह अब तक जेल में बंद हैं। पवन कल्याण ने इस पूरे मामले पर कुछ मानवाधिकार कार्यकर्ताओं और तथाकथित “धर्मनिरपेक्ष” समूहों की चुप्पी पर भी सवाल उठाए हैं।
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