बोलता सच,लखनऊ : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य में रोजगार को लेकर बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष 2026-27 के भीतर विभिन्न सरकारी विभागों में डेढ़ लाख से अधिक पदों पर भर्तियां की जाएंगी। साथ ही उन्होंने दावा किया कि भाजपा सरकार ने पिछले नौ वर्षों में नौ लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी दी है, जो देश में सबसे अधिक और पारदर्शी नियुक्तियों का रिकॉर्ड है।
मुख्यमंत्री ने 609 नव चयनित कनिष्ठ विश्लेषकों (औषधि) और दंत स्वास्थ्य विज्ञानियों को नियुक्ति पत्र वितरित करते हुए कहा कि सरकार की स्पष्ट नीति और साफ नीयत के चलते यह संभव हो पाया है। उन्होंने कहा कि भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी रही है और आगे भी यह सिलसिला जारी रहेगा।
उन्होंने बताया कि अधीनस्थ सेवा चयन आयोग इस वर्ष 32 हजार से अधिक भर्तियां पूरी करेगा, जबकि शिक्षा सेवा चयन आयोग हजारों शिक्षकों की नियुक्ति करेगा। इसके अलावा उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग लगभग 15 भर्तियां संपन्न कराएगा। पुलिस विभाग में भी भर्ती प्रक्रिया जारी है।
मुख्यमंत्री ने भर्ती प्रक्रिया में गड़बड़ी पर सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि सरकार ने ऐसा कानून बनाया है, जिसमें धांधली करने वालों को आजीवन कारावास और संपत्ति जब्त करने का प्रावधान है। उन्होंने कहा कि इसी सख्ती के कारण अब तक नौ लाख भर्तियां पारदर्शिता के साथ पूरी की जा चुकी हैं।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि नियुक्तियों में किसी भी प्रकार का भेदभाव नहीं होना चाहिए। जाति, क्षेत्र या संप्रदाय के आधार पर भेदभाव करना ‘महापाप’ है। उन्होंने यह भी कहा कि बिना भेदभाव के काम करने के कारण ही राज्य की अर्थव्यवस्था और प्रति व्यक्ति आय में तीन गुना वृद्धि संभव हो सकी है।
पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि 2017 से पहले प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था बेहद खराब थी और भर्ती प्रक्रियाओं में भ्रष्टाचार व अनियमितताएं आम थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय चयन प्रक्रियाओं में इतनी गड़बड़ी होती थी कि अदालतों को हस्तक्षेप करना पड़ता था।
बिना किसी का नाम लिए उन्होंने कहा कि पहले ऐसे लोग भी आयोगों के अध्यक्ष बनाए गए, जिनकी योग्यता संदिग्ध थी। वर्ष 2017 में मुख्यमंत्री बनने के बाद उन्होंने नई नियमावली बनाकर पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया की शुरुआत की।
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