Breaking News

बांके बिहारी मंदिर मैनेजमेंट विवाद: सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई दो हफ्ते टली, फिलहाल व्यवस्था में बदलाव नहीं

Bolta Sach News
|
Banke Bihari Temple Management Controversy
बोलता सच,मथुरा :  मथुरा के प्रसिद्ध बांके बिहारी मंदिर के प्रबंधन को लेकर चल रहे विवाद में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई फिलहाल दो हफ्तों के लिए टाल दी गई है। इस मामले पर विस्तृत बहस होनी थी, लेकिन मैनेजमेंट कमेटी की ओर से पेश वरिष्ठ वकील श्याम दीवान ने तैयारी के लिए अतिरिक्त समय की मांग की।

सुनवाई के दौरान वकील श्याम दीवान ने अदालत को बताया कि उन्हें स्टेटस रिपोर्ट देर रात ही प्राप्त हुई है और उसे विस्तार से पढ़ने व समझने के लिए पर्याप्त समय नहीं मिल पाया है। उन्होंने कोर्ट से मामले की तैयारी के लिए कुछ समय देने का अनुरोध किया, जिसे स्वीकार करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई को दो सप्ताह के लिए स्थगित कर दिया। अब इस मामले पर अगली सुनवाई दो हफ्ते बाद होगी।

सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) ने एक अहम टिप्पणी करते हुए स्पष्ट किया कि फिलहाल अदालत मंदिर की मौजूदा व्यवस्था में किसी प्रकार का बड़ा या संरचनात्मक बदलाव करने के पक्ष में नहीं है। इसका मतलब यह है कि अभी जो प्रबंधन व्यवस्था लागू है, वह यथावत जारी रहेगी और तत्काल कोई बड़ा परिवर्तन नहीं किया जाएगा।

यह पूरा मामला मंदिर के सेवायतों (पुजारियों) द्वारा दायर याचिका से जुड़ा हुआ है। सेवायतों ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित मैनेजमेंट कमेटी के कुछ फैसलों पर आपत्ति जताई है। उनका आरोप है कि कमेटी ने ऐसे निर्णय लिए हैं, जो मंदिर की पारंपरिक धार्मिक व्यवस्था के खिलाफ हैं और इससे सदियों पुरानी परंपराएं प्रभावित हो रही हैं।

याचिका में विशेष रूप से दो मुद्दों को उठाया गया है—पहला, मंदिर में दर्शन के समय को बढ़ाया जाना और दूसरा, देहरी पूजा को रोकना। सेवायतों का कहना है कि ये दोनों फैसले बिना पर्याप्त विचार-विमर्श के लिए गए हैं और इससे धार्मिक आस्थाओं को ठेस पहुंच रही है।

इसके अलावा, याचिका में यह भी आरोप लगाया गया है कि मैनेजमेंट कमेटी में गोस्वामी (पुजारियों) की नियुक्ति पारदर्शी तरीके से नहीं की गई है। सेवायतों का दावा है कि नियुक्तियों में मनमानी की गई, जिससे असंतोष बढ़ा है और उन्होंने न्यायालय से हस्तक्षेप की मांग की है।

गौरतलब है कि पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश श्री बांके बिहारी जी मंदिर ट्रस्ट ऑर्डिनेंस, 2025 के कुछ प्रावधानों पर रोक लगा दी थी। साथ ही मंदिर के प्रबंधन को व्यवस्थित करने के लिए अशोक कुमार की अध्यक्षता में 12 सदस्यीय हाई पावर्ड कमेटी का गठन किया गया था। यह समिति वर्तमान में मंदिर के प्रशासन और व्यवस्था की निगरानी कर रही है।

इस मामले को लेकर श्रद्धालुओं, सेवायतों और प्रशासन के बीच लगातार चर्चा बनी हुई है। अब सभी की नजरें दो हफ्ते बाद होने वाली अगली सुनवाई पर टिकी हैं, जहां इस विवाद के भविष्य की दिशा तय हो सकती है।



Discover more from Bolta Sach News - बोलता सच न्यूज़ - सच लिखने का साहस

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Join WhatsApp

Join Now

Leave a Reply

error: