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अमचूर और गरम मसाले को मशीन ने बताया ड्रग्स, बेगुनाह इंजीनियर ने काटे 57 दिन जेल में

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Amchur and Garam Masala

बोलता सच,जबलपुर। मध्यप्रदेश में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां तकनीकी गड़बड़ी और जांच प्रणाली की खामियों के कारण एक निर्दोष व्यक्ति को 57 दिन जेल में बिताने पड़े। भोपाल एयरपोर्ट पर सुरक्षा जांच के दौरान एक्सप्लोसिव ट्रेस डिटेक्टर (ETD) मशीन ने एक यात्री के बैग में रखे अमचूर और गरम मसाले को प्रतिबंधित ड्रग्स बता दिया। इसके बाद इंजीनियर अजय सिंह के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।

बाद में फॉरेंसिक जांच में यह स्पष्ट हो गया कि बैग में कोई भी मादक पदार्थ मौजूद नहीं था। हालांकि तब तक अजय सिंह करीब 57 दिन न्यायिक हिरासत में जेल में रह चुके थे। मामले की सुनवाई करते हुए मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की जबलपुर पीठ ने राज्य की फॉरेंसिक जांच व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए और पीड़ित को 10 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया।

एयरपोर्ट जांच में हुआ खुलासा

जानकारी के अनुसार, अजय सिंह भोपाल से दिल्ली जाने के लिए एयरपोर्ट पहुंचे थे। सुरक्षा जांच के दौरान उनके बैग की जांच ETD मशीन से की गई। बैग में रखे ब्रांडेड अमचूर पाउडर और गरम मसाले के पैकेट पर मशीन ने ड्रग्स अलर्ट दिखाया। इसके बाद सुरक्षा एजेंसियों ने मामले को गंभीर मानते हुए पुलिस को सूचना दी।

गांधी नगर थाना पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज कर अजय सिंह को गिरफ्तार कर लिया। जब्त किए गए नमूनों को 10 मई 2010 को क्षेत्रीय फॉरेंसिक लैब भेजा गया, लेकिन वहां आवश्यक तकनीकी संसाधनों की कमी के कारण सैंपल वापस लौटा दिए गए।

हैदराबाद लैब की रिपोर्ट में नहीं मिला कोई ड्रग्स

बाद में सैंपल को हैदराबाद स्थित सेंट्रल फॉरेंसिक लैब भेजा गया। 30 जून 2010 को आई रिपोर्ट में साफ हो गया कि नमूनों में किसी भी प्रकार का प्रतिबंधित पदार्थ मौजूद नहीं था। इसके बाद पुलिस ने अदालत में खात्मा रिपोर्ट पेश की और अजय सिंह को 2 जुलाई 2010 को जमानत मिल सकी।

हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी

मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस दीपक खोत ने कहा कि राज्य की फॉरेंसिक प्रयोगशालाओं में पर्याप्त संसाधनों और आधुनिक उपकरणों की कमी गंभीर चिंता का विषय है। कोर्ट ने कहा कि तकनीकी खराबी और अनुभवहीन कर्मचारियों की वजह से एक निर्दोष व्यक्ति को 57 दिन जेल में रहना पड़ा, जो उसके मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है।

अदालत ने राज्य सरकार के मुख्य सचिव को निर्देश दिया कि प्रदेश की सभी क्षेत्रीय फॉरेंसिक साइंस लैब्स का निरीक्षण कराया जाए और वहां आवश्यक उपकरणों व प्रशिक्षित कर्मचारियों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।

मशीन सप्लाई करने वाली कंपनी पर भी सवाल

याचिका में एयरपोर्ट पर लगी ETD मशीन सप्लाई करने वाली कंपनी को ब्लैकलिस्ट करने, जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई करने और एयरपोर्ट सुरक्षा जांच में आधुनिक तकनीक के उपयोग की मांग भी उठाई गई। इस मामले ने एयरपोर्ट सुरक्षा जांच प्रणाली और फॉरेंसिक जांच की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।


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