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NEET री-एग्जाम से पहले NTA की बड़ी चूक! नागपुर के छात्र को मिला अबू धाबी परीक्षा केंद्र, विपक्ष ने उठाए सवाल

Bolta Sach News
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NTA before NEET re-exam
बोलता सच,नई दिल्ली। NEET पुनर्परीक्षा से ठीक एक दिन पहले राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) की कथित लापरवाही का एक मामला सामने आया है, जिसने एक छात्र और उसके परिवार की चिंता बढ़ा दी है। नागपुर के एक छात्र को जारी किए गए एडमिट कार्ड में परीक्षा केंद्र भारत के बजाय संयुक्त अरब अमीरात के अबू धाबी में दर्शाया गया है। छात्र के पास पासपोर्ट नहीं है और परिवार की आर्थिक स्थिति भी ऐसी नहीं है कि उसे विदेश भेजा जा सके। ऐसे में छात्र का भविष्य अधर में लटकता नजर आ रहा है।
जानकारी के अनुसार, छात्र पिछले एक महीने से NEET पुनर्परीक्षा की तैयारी में जुटा था। परीक्षा से एक दिन पहले जब उसने अपना एडमिट कार्ड डाउनलोड किया तो उसमें परीक्षा केंद्र अबू धाबी दर्ज मिला। इस अप्रत्याशित स्थिति से छात्र और उसके परिवार में हड़कंप मच गया। परिजनों का कहना है कि छात्र पूरी रात तनाव में रहा और रोता रहा। उसने परीक्षा देने से भी इनकार करने की बात कही।
मामला सामने आने के बाद यह सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा का विषय बन गया। विपक्षी नेताओं ने भी इस मुद्दे को उठाते हुए NTA की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं।
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह बेहद गंभीर मामला है। उन्होंने सवाल किया कि आखिर एक भारतीय छात्र को परीक्षा केंद्र के रूप में अबू धाबी कैसे आवंटित कर दिया गया। राहुल गांधी ने कहा कि यदि कोई छात्र केवल प्रशासनिक लापरवाही के कारण परीक्षा केंद्र तक नहीं पहुंच पाता है, तो यह उसकी मेहनत और भविष्य के साथ अन्याय होगा।
उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रणाली का उद्देश्य छात्रों को अवसर देना है, न कि उन्हें अनावश्यक मानसिक तनाव में डालना। राहुल गांधी ने NTA से तत्काल जवाब मांगते हुए कहा कि ऐसी गलतियां छात्रों और उनके अभिभावकों के धैर्य की परीक्षा ले रही हैं।
शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) की नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने भी इस मामले पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि पुनर्परीक्षा का दबाव पहले से ही छात्रों पर है और ऐसे में परीक्षा केंद्र विदेश में आवंटित होना किसी भी छात्र के लिए गंभीर मानसिक तनाव का कारण बन सकता है। उन्होंने NTA से इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप कर छात्र को राहत देने की मांग की।
इस घटना ने एक बार फिर परीक्षा प्रबंधन और NTA की व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। छात्र और उसके परिवार को अब उम्मीद है कि परीक्षा एजेंसी जल्द ही इस त्रुटि को सुधारते हुए उचित समाधान उपलब्ध कराएगी, ताकि उसकी परीक्षा प्रभावित न हो।
फिलहाल NTA की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। हालांकि, सोशल मीडिया पर बढ़ते दबाव और विपक्षी नेताओं की प्रतिक्रिया के बाद एजेंसी की ओर से जल्द स्पष्टीकरण आने की संभावना जताई जा रही है।

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