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राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर संत समाज एकजुट, 250 संत-महंतों की बैठक में ‘सनातन विरोधियों’ के खिलाफ अभियान का ऐलान

Bolta Sach News
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On the Ram Temple offering controversy

बोलता सच,अयोध्या : राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी को लेकर जारी विवाद के बीच गुरुवार को अयोध्या के मणिराम छावनी मठ परिसर में करीब 250 संत-महंतों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। बैठक में संत समाज ने राम मंदिर ट्रस्ट, राम मंदिर और अयोध्या की छवि धूमिल करने की कथित कोशिशों का विरोध करते हुए ऐसे लोगों की पहचान कर उनके सामाजिक बहिष्कार का निर्णय लिया। बैठक में विश्व हिंदू परिषद (विहिप) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के पदाधिकारी भी मौजूद रहे।

ट्रस्ट के पदाधिकारियों पर जताया भरोसा

बैठक में शामिल विहिप के राष्ट्रीय महासचिव बजरंग लाल बांगड़ा ने बताया कि संत समाज ने राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण को लेकर पिछले एक महीने से चल रही चर्चाओं और मीडिया रिपोर्टों पर विचार-विमर्श किया। उन्होंने कहा कि सभी संतों ने एकमत से राम मंदिर ट्रस्ट के पदाधिकारियों की ईमानदारी और निष्पक्षता पर विश्वास जताया। साथ ही प्रभु श्रीराम से प्रार्थना की गई कि दोषियों को उचित दंड मिले और जो निर्दोष हैं, उन्हें सम्मानपूर्वक सेवा और भक्ति का अवसर प्राप्त हो।

एसआईटी की जांच की सराहना

बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा गठित विशेष जांच दल (SIT) की त्वरित कार्रवाई की भी सराहना की गई। संतों ने कहा कि प्रारंभिक जांच में जिन लोगों की संलिप्तता सामने आई, वे जेल में हैं। वहीं, राम मंदिर ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय के लंबे समय से मंदिर के प्रति समर्पण और सेवाओं का उल्लेख करते हुए कहा गया कि यदि एसआईटी जांच में वे आरोपमुक्त पाए जाते हैं, तो उन्हें ट्रस्ट में पुनः जिम्मेदारी दी जानी चाहिए।

‘राम विरोधियों’ के नैरेटिव का करेंगे विरोध

महंत राघवेश दास वेदांती ने कहा कि संत समाज का मानना है कि चढ़ावा चोरी की घटना को आधार बनाकर कुछ लोग राम मंदिर ट्रस्ट और अयोध्या की छवि खराब करने का प्रयास कर रहे हैं। ऐसे कथित ‘राम विरोधी नैरेटिव’ का संत समाज संगठित होकर जवाब देगा और इसके खिलाफ अभियान चलाएगा।

संतों ने उठाए प्रबंधन से जुड़े सवाल

नाका हनुमानगढ़ी के महंत राम दास ने कहा कि यदि नियुक्तियों से पहले कर्मचारियों का समुचित सत्यापन किया गया होता और संत समाज से परामर्श लिया गया होता, तो ऐसी स्थिति उत्पन्न नहीं होती।

महंत मनीष दास ने कहा कि चोरी के आरोपी कानून के शिकंजे में हैं और उन्हें सजा मिल रही है। उन्होंने कहा कि चंपत राय के संबंध में अंतिम राय एसआईटी की रिपोर्ट आने के बाद ही बनाई जानी चाहिए। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि इस प्रकरण के बहाने देशभर में माहौल खराब करने की कोशिश की जा रही है, जिसके खिलाफ संत समाज अभियान चलाएगा।

‘राम मंदिर पर राजनीति उचित नहीं’

डॉ. मिथिलेश नंदिनी शरण ने कहा कि राम मंदिर को राजनीतिक विवाद का विषय बनाना उचित नहीं है। उनके अनुसार अयोध्या में कोई विवाद नहीं है, बल्कि राजनीतिक स्तर पर इस मुद्दे को उछाला जा रहा है। उन्होंने कहा कि राम मंदिर निर्माण से हिंदू समाज संगठित हुआ है और कुछ राजनीतिक दल इसी कारण इसे लेकर राजनीति कर रहे हैं।

वहीं, महंत जयराम दास ने सनातन धर्म को बदनाम करने वालों के बहिष्कार की बात कही। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि भविष्य में सावन झूला सहित अन्य धार्मिक आयोजनों में रामलला की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी। बल्लभ कुंज मंदिर के महंत राजकुमार दास ने कहा कि मामले के आरोपी पहले से जेल में हैं और एसआईटी की अंतिम रिपोर्ट आने तक किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचना चाहिए।



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