घटना 16 जुलाई की शाम चांदपुर इलाके की बताई जा रही है। दीपक डबास स्कूटी से सड़क से गुजर रहे थे। इसी दौरान पीछे से आई तेज रफ्तार स्कॉर्पियो ने उनकी स्कूटी को टक्कर मार दी। टक्कर के बाद दीपक सड़क पर गिर गए। आरोप है कि इसके बाद वाहन चालक ने उन्हें कई बार गाड़ी से कुचल दिया। गंभीर रूप से घायल दीपक को अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
हादसा नहीं, साजिशन हत्या का शक
शुरुआत में घटना को सड़क दुर्घटना बताने की कोशिश की गई, लेकिन मृतक के परिवार ने इसे हादसा मानने से इनकार कर दिया। परिजनों ने आरोप लगाया कि दीपक को जानबूझकर निशाना बनाया गया है।
पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और सीसीटीवी फुटेज के साथ तकनीकी साक्ष्यों को खंगाला। जांच के दौरान सागर नामक युवक पुलिस के हाथ लगा। पूछताछ में वह लगातार पुलिस को गुमराह करने की कोशिश करता रहा। हालांकि, पुलिस को उसके बयानों पर संदेह था।
सीसीटीवी और तकनीकी साक्ष्यों से खुला राज
जांच आगे बढ़ने पर पुलिस ने इलाके की सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की मदद से घटनाक्रम को जोड़ना शुरू किया। पूछताछ और साक्ष्यों के आधार पर पुलिस की जांच कथित तौर पर जगपाल तक पहुंची, जिसे इस हत्या की साजिश का मास्टरमाइंड और फाइनेंसर बताया जा रहा है। पुलिस ने छापेमारी कर जगपाल को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में सामने आई जानकारी ने जांचकर्ताओं को भी हैरान कर दिया।
22 साल पुरानी घटना बनी हत्या की वजह
पुलिस के अनुसार, जगपाल और दीपक दोनों माजरा डबास गांव के रहने वाले थे। करीब 22 साल पहले जगपाल की बहन से कथित छेड़छाड़ को लेकर दीपक का नाम सामने आया था। इसी घटना के बाद जगपाल के मन में दीपक के प्रति कथित तौर पर दुश्मनी पैदा हो गई।
पुलिस का दावा है कि दो दशक से अधिक समय बीत जाने के बावजूद जगपाल इस पुरानी घटना को नहीं भूल पाया और बदला लेने की फिराक में था। आखिरकार कथित रंजिश ने हत्या का रूप ले लिया। फिलहाल पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है और मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि हत्या की साजिश में और कौन-कौन लोग शामिल थे।