बोलता सच,लखनऊ : देशभर में शनिवार को 80वां स्वतंत्रता दिवस उत्साह और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। इस मौके पर बहुजन समाज पार्टी (BSP) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं। साथ ही उन्होंने संविधान, लोकतंत्र और सामाजिक न्याय से जुड़े मुद्दों को उठाते हुए उच्च संवैधानिक संस्थाओं से अपनी जिम्मेदारियां ईमानदारी और निष्ठा के साथ निभाने की अपील की।
मायावती ने सोशल मीडिया मंच X पर देश और विदेश में रहने वाले सभी भारतीय नागरिकों और उनके परिवारों को स्वतंत्रता दिवस की बधाई दी। उन्होंने कहा कि आजादी के इस पर्व को आपसी भाईचारे, मेलजोल और सौहार्द के साथ मनाया जाना चाहिए।
संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों को दी नसीहत
बसपा प्रमुख ने अपने संदेश में कहा कि देश के उच्च संवैधानिक और कानूनी पदों पर बैठे लोगों को अपने दायित्वों के प्रति और अधिक सजग रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि जनता अब देश और जनहित के प्रति जिम्मेदार संस्थाओं से सही और ईमानदार भूमिका की अपेक्षा कर रही है।
मायावती ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस जैसे अवसर लोगों को यह उम्मीद भी देते हैं कि देश की उच्च संस्थाएं संविधान में निर्धारित ‘चेक एंड बैलेंस’ की व्यवस्था और अपनी जिम्मेदारियों का पूरी ईमानदारी से पालन करेंगी।
दलित, आदिवासी और पिछड़े वर्गों का उठाया मुद्दा
मायावती ने कहा कि संवैधानिक संस्थाओं की निष्पक्ष और जिम्मेदार भूमिका से देश के करोड़ों लोगों को लोकतंत्र का वास्तविक लाभ मिल सकता है। उन्होंने खास तौर पर दलितों, आदिवासियों, अति-पिछड़ों, मुस्लिम और अन्य धार्मिक अल्पसंख्यकों का उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि संविधान और लोकतंत्र का लाभ समाज के सभी वर्गों तक समान रूप से पहुंचना चाहिए। इसमें गरीब, मजदूर, किसान, युवा और महिलाएं भी शामिल हैं।
बेरोजगारी और भ्रष्टाचार से मुक्ति की उम्मीद
बसपा सुप्रीमो ने कहा कि देश की जनता ऐसी व्यवस्था चाहती है, जिसमें बेरोजगारी और भ्रष्टाचार से राहत मिले और आम लोगों को खुशहाल जीवन जीने का अवसर प्राप्त हो। उन्होंने उम्मीद जताई कि संवैधानिक संस्थाएं अपनी जिम्मेदारियों को निष्पक्षता और निष्ठा के साथ निभाएंगी, जिससे लोकतंत्र और संविधान लोगों की उम्मीदों पर खरे उतर सकें।
मायावती ने अपने स्वतंत्रता दिवस संदेश के अंत में कहा कि देश का लोकतंत्र और पवित्र संविधान तभी सार्थक सिद्ध होगा, जब समाज के हर वर्ग को न्याय, समान अवसर और सम्मान के साथ आगे बढ़ने का अधिकार मिले।
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