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छात्र आंदोलन में खाना बांटने वाले जुनैद पर सियासत तेज, बीजेपी नेता ने उठाए फंडिंग पर सवाल

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Distributing food during the student protest

बोलता सच,लखनऊ : जंतर-मंतर पर छात्र आंदोलन के दौरान प्रदर्शनकारियों को भोजन उपलब्ध कराने को लेकर चर्चा में आए मोहम्मद जुनैद अब राजनीतिक विवाद के केंद्र में आ गए हैं। बीजेपी अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष अमील शम्सी ने जुनैद के आरोपों और उनके सार्वजनिक बयानों पर सवाल उठाते हुए इसे “नाटक” करार दिया है।

अमील शम्सी ने दावा किया कि जब जुनैद से आंदोलन में खर्च किए गए पैसे के स्रोत के बारे में पूछताछ की गई, तो उन्होंने मुद्दे को धार्मिक रंग देने की कोशिश की। उन्होंने आरोप लगाया कि जुनैद अपने फंड के स्रोत को सार्वजनिक नहीं करना चाहते और यदि सब कुछ पारदर्शी है तो उन्हें बताना चाहिए कि आंदोलन के दौरान भोजन और अन्य व्यवस्थाओं के लिए धन कहां से आया।

‘प्रदर्शनकारी बाद में पहुंचते हैं, बिरयानी पहले पहुंच जाती है’

बीजेपी नेता ने कहा कि इस तरह का पैटर्न पहले भी कई आंदोलनों में देखने को मिला है। उन्होंने शाहीन बाग, किसान आंदोलन, पहलवानों के विरोध प्रदर्शन और वक्फ संशोधन से जुड़े आंदोलनों का उल्लेख करते हुए कहा कि कई बार प्रदर्शनकारियों से पहले खाने-पीने की व्यवस्था पहुंच जाती है, जिससे फंडिंग को लेकर सवाल खड़े होते हैं।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि छात्र आंदोलन के पीछे कुछ राजनीतिक दलों का एजेंडा काम कर रहा है। साथ ही दावा किया कि उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव में बीजेपी फिर से सत्ता में वापसी करेगी।

पुलिस पूछताछ के बाद चर्चा में आए थे जुनैद

गाजियाबाद के मसूरी थाना क्षेत्र के नाहल गांव निवासी मोहम्मद जुनैद छात्र आंदोलन के दौरान प्रदर्शनकारियों को भोजन उपलब्ध कराने के कारण सुर्खियों में आए थे। आंदोलन समाप्त होने के बाद पुलिस द्वारा उनसे और उनके परिवार के सदस्यों से पूछताछ किए जाने की खबर सामने आई थी।

जुनैद का आरोप था कि पुलिस उनसे भोजन व्यवस्था में खर्च हुए धन के स्रोत के बारे में सवाल कर रही है और उनके परिवार को भी परेशान किया गया। इस दौरान उनका एक वीडियो भी सामने आया था, जिसमें वह भावुक होकर रोते दिखाई दिए थे।

अखिलेश यादव से मुलाकात के बाद बढ़ा राजनीतिक विवाद

जुनैद ने एक समय आंदोलन से जुड़े कुछ नेताओं पर साथ न देने का आरोप लगाया था, हालांकि बाद में उन्होंने अपने बयान से पीछे हटते हुए कहा कि सभी लोग उनके साथ हैं। इसके बाद उनकी मुलाकात समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव से हुई थी।

अखिलेश यादव ने इस पूरे प्रकरण को सामाजिक सौहार्द पर हमला बताया था। इसके बाद जुनैद को लेकर राजनीतिक बयानबाजी और तेज हो गई है।

फिलहाल, जुनैद से जुड़े आरोपों और पूछताछ को लेकर अलग-अलग राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है, जबकि मामले में किसी स्वतंत्र जांच या आधिकारिक निष्कर्ष का इंतजार किया जा रहा है।


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