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लखनऊ: जर्जर छत पर बच्चों से कराई काई की सफाई, हाईटेंशन तारों के नीचे काम कराने पर दो शिक्षिकाएं निलंबित

Bolta Sach News
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Lucknow On a dilapidated roof

बोलता सच,लखनऊ : मोहनलालगंज के ललूमर गांव स्थित सरकारी प्राथमिक विद्यालय में बच्चों की सुरक्षा से जुड़ी गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। बारिश के दौरान स्कूल की जर्जर छत पर बच्चों को चढ़ाकर काई और गंदगी साफ कराई गई। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया।

वीडियो में स्कूल में पढ़ने वाले बच्चे बारिश के बीच जर्जर छत पर सफाई करते दिखाई दे रहे हैं। बताया जा रहा है कि जिस छत पर बच्चों को भेजा गया, उसके ऊपर से हाईटेंशन बिजली के तार भी गुजर रहे हैं। ऐसे में किसी अनहोनी की स्थिति में बड़ा हादसा हो सकता था।

वीडियो वायरल होते ही शिक्षा विभाग ने की कार्रवाई

स्थानीय ग्रामीणों और अभिभावकों ने घटना का वीडियो बनाकर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी विपिन कुमार को भेजा। मामले को गंभीरता से लेते हुए बीएसए ने वीडियो का स्वत: संज्ञान लिया और प्राथमिक विद्यालय ललूमर की हेडमास्टर श्वेता त्रिपाठी तथा सहायक अध्यापिका शगुफ्ता रानी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।

निलंबन के बाद दोनों शिक्षिकाओं को प्राथमिक विद्यालय रानीखेड़ा देवती से संबद्ध किया गया है। मामले की विस्तृत जांच के लिए एबीएसए को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। उन्हें जल्द से जल्द जांच पूरी कर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।

जर्जर छत और हाईटेंशन तारों ने बढ़ाया खतरा

ग्रामीणों का आरोप है कि तेज बारिश के दौरान बच्चों को ऐसी छत पर भेजा गया, जो पहले से ही जर्जर हालत में है। छत पर काई और गंदगी जमा होने के कारण फिसलने का खतरा भी बना हुआ था। इसके अलावा ऊपर से गुजर रहे हाईटेंशन तारों के कारण स्थिति और भी खतरनाक थी। अभिभावकों का कहना है कि बच्चों से सफाई कराने के बजाय स्कूल प्रशासन को उनकी सुरक्षा का ध्यान रखना चाहिए था। उनका आरोप है कि लापरवाही के कारण बच्चों की जान जोखिम में डाली गई।

वीडियो बनाने वाले ग्रामीण ने लगाए धमकी के आरोप

घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर साझा करने वाले स्थानीय निवासी केपी सिंह ने भी स्कूल की शिक्षिकाओं पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका दावा है कि वीडियो सामने आने के बाद शिक्षिकाएं उनके घर पहुंचीं और वहां मौजूद महिलाओं को धमकाया। केपी सिंह ने आरोप लगाया कि शिक्षिकाओं की ओर से बच्चों का नाम सरकारी स्कूल से काटने की धमकी भी दी गई। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। जांच के बाद ही पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट होगी।

राजनीतिक दल ने भी उठाए सवाल

मामले को लेकर आम आदमी पार्टी ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर प्रदेश सरकार पर निशाना साधा है। पार्टी ने बच्चों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि मासूम बच्चों की जान को जोखिम में डाला गया। फिलहाल शिक्षा विभाग ने दोनों शिक्षिकाओं को निलंबित कर जांच शुरू कर दी है। अब जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।



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