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रांची में JPSC-JSSC अभ्यर्थियों पर लाठीचार्ज के बाद भड़का गुस्सा, महिला अभ्यर्थी बोलीं- ‘अबकी बार हसुआ लेकर आएंगे’

Bolta Sach News
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JPSC-JSSC candidates in Ranchi

बोलता सच,रांची : झारखंड में JPSC और JSSC अभ्यर्थियों के आंदोलन के दौरान पुलिस लाठीचार्ज के बाद छात्रों में आक्रोश बढ़ गया है। विधानसभा घेराव मार्च के दौरान पुलिस की कार्रवाई को लेकर एक महिला अभ्यर्थी ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। महिला अभ्यर्थी ने कहा कि अगर आंदोलनकारियों पर इसी तरह कार्रवाई की गई तो वे अगली बार और मजबूती के साथ आंदोलन में उतरेंगे।

महिला अभ्यर्थी ने आक्रोश जताते हुए कहा कि वह झांसी की रानी और फूलो-झानो के रास्ते पर चलने के लिए तैयार हैं। उन्होंने पुलिस कार्रवाई को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि प्रदर्शनकारियों पर केस करना है तो कर दिया जाए, लेकिन वे अपने अधिकारों के लिए पीछे नहीं हटेंगी।

पुलिस की वर्दी पर नेम प्लेट नहीं होने का आरोप

महिला अभ्यर्थी ने आरोप लगाया कि लाठीचार्ज करने वाले कई पुलिसकर्मियों और महिला पुलिसकर्मियों की वर्दी पर नेम प्लेट तक नहीं थी। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर प्रदर्शन स्थल पर कितने पुलिसकर्मियों को बुलाया गया था और उनकी पहचान क्यों स्पष्ट नहीं थी।

उन्होंने पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि प्रदर्शनकारियों को घेरने में पुलिस तेजी दिखाती है, लेकिन अवैध गतिविधियों को लेकर वही सख्ती नजर नहीं आती। महिला अभ्यर्थी ने प्रशासन से पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग की।

JPSC की तैयारी और व्यवस्था पर भी तंज

आक्रोशित अभ्यर्थी ने JPSC के सिलेबस और व्यवस्था पर भी तंज कसा। उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि परीक्षा के सिलेबस में एक ऐसी किताब भी होनी चाहिए, जिसमें केवल ‘जी सर’ और ‘हां सर’ लिखा हो।

उनका आरोप था कि सरकारी व्यवस्था में सवाल उठाने के बजाय अधिकारियों से सहमति जताने की प्रवृत्ति बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि युवाओं के साथ न्याय होना चाहिए और भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित की जानी चाहिए।

विधानसभा घेराव के दौरान हुआ था लाठीचार्ज

बता दें कि रांची में JPSC-JSSC अभ्यर्थियों ने अपनी मांगों को लेकर विधानसभा घेराव मार्च निकाला था। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव की स्थिति बनी। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले भी दागे।

लाठीचार्ज में कई छात्रों के घायल होने का दावा किया गया है। कुछ आंदोलनकारियों की पीठ पर लाठी के निशान भी दिखाई दिए। घटना के बाद अभ्यर्थियों ने पुलिस कार्रवाई का विरोध करते हुए अपनी मांगों को लेकर आंदोलन जारी रखने की बात कही है।



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