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देवरिया में पोषण योजनाओं की समीक्षा, लापरवाही पर तीन ब्लॉकों के सीडीपीओ-सुपरवाइजर का वेतन रोकने के निर्देश

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Nutrition schemes in Deoria

बोलता सच,देवरिया। जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने कलेक्ट्रेट सभागार में जिला पोषण समिति और आईजीआरएस की समीक्षा बैठक की। बैठक में पोषण कार्यक्रमों की प्रगति, कुपोषित बच्चों की स्थिति, एनीमिया से प्रभावित महिलाओं तथा शिकायतों के निस्तारण की समीक्षा की गई। कार्यों में अपेक्षित प्रगति नहीं मिलने पर जिलाधिकारी ने लार, सलेमपुर और रुद्रपुर के सीडीपीओ एवं संबंधित सुपरवाइजर का एक दिन का वेतन रोकने के निर्देश दिए।

कुपोषित बच्चों की निगरानी में लापरवाही नहीं

जिलाधिकारी ने बाल विकास परियोजना अधिकारियों और जिला कार्यक्रम अधिकारी से विभागीय योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली। इस दौरान आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों द्वारा किए जा रहे होम विजिट, केंद्रों के नियमित संचालन और बच्चों की उपस्थिति की समीक्षा की गई।

उन्होंने सभी सीडीपीओ को नियमित क्षेत्र भ्रमण करने और आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों द्वारा बच्चों के किए गए वजन का सत्यापन करने के निर्देश दिए। गर्भवती एवं धात्री महिलाओं के गृह भ्रमण की भी नियमित जांच कर कमियों को दूर करने को कहा।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि गंभीर और मध्यम कुपोषित श्रेणी में चिन्हित बच्चों की लगातार निगरानी की जाए। उनके स्वास्थ्य परीक्षण, पोषण उपचार और फॉलोअप में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए। आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों, गर्भवती महिलाओं और धात्री माताओं को मिलने वाली पोषण सेवाओं की गुणवत्ता भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

20-20 आंगनबाड़ी केंद्रों का निरीक्षण करेंगे बीडीओ

जिलाधिकारी ने जिले के सभी खंड विकास अधिकारियों को कम से कम 20-20 आंगनबाड़ी केंद्रों का निरीक्षण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जो आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां अपने दायित्वों का सही ढंग से निर्वहन नहीं कर रही हैं, उनके खिलाफ संबंधित सीडीपीओ नोटिस जारी कर आवश्यक कार्रवाई करें।

उन्होंने कहा कि देवरिया को कुपोषण मुक्त बनाने का लक्ष्य तभी हासिल किया जा सकता है, जब सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ प्रभावी निगरानी करें। शासन की योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक समय से पहुंचाना अधिकारियों की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

जिलाधिकारी ने आंगनबाड़ी केंद्रों पर निर्धारित गतिविधियों का नियमित और प्रभावी संचालन सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने चेतावनी दी कि पोषण सेवाओं में किसी भी स्तर पर लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारी या कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

आईजीआरएस शिकायतों के निस्तारण पर भी सख्ती

बैठक में आईजीआरएस (समन्वित शिकायत निवारण प्रणाली) से जुड़े मामलों की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को शिकायतों का निर्धारित समयसीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण और पारदर्शी तरीके से निस्तारण करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि शिकायतकर्ता से बातचीत कर उसकी समस्या की वास्तविक स्थिति समझी जाए और नियमानुसार प्रभावी समाधान किया जाए। निस्तारण आख्या में की गई कार्रवाई का स्पष्ट और तथ्यात्मक उल्लेख होना चाहिए।

जिलाधिकारी ने अधिकारियों को चेताया कि किसी भी शिकायत का निस्तारण केवल औपचारिकता पूरी करने के लिए न किया जाए। आईजीआरएस मामलों में अनावश्यक देरी या लापरवाही सामने आने पर संबंधित अधिकारी की जिम्मेदारी तय की जाएगी। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी राजेश कुमार सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एके गुप्ता, जिला कार्यक्रम अधिकारी आदिश मिश्रा समेत संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।


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