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देवरिया: समुद्री जहाज पर पति की संदिग्ध मौत, पत्नी ने डीएम-एसपी से लगाई निष्पक्ष जांच की गुहार

Bolta Sach News
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Deoria Husband on a ship

बोलता सच,देवरिया : समुद्री जहाज पर कार्यरत एक कर्मचारी की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में उसकी पत्नी ने निष्पक्ष जांच और कानूनी कार्रवाई की मांग की है। शनिवार को देवरिया निवासी रंजना चौहान ने जिलाधिकारी (डीएम) और पुलिस अधीक्षक (एसपी) से मुलाकात कर शिकायत पत्र सौंपा। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके पति की विदेश में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई और बिना परिवार की अनुमति के पोस्टमार्टम कराया गया। साथ ही भारत लाए गए शव से कुछ आंतरिक अंग गायब होने का भी आरोप लगाया है।

रंजना चौहान ने अपनी शिकायत में जहाज के कप्तान, चीफ ऑफिसर, शिपिंग कंपनी के अधिकारियों और अन्य संबंधित लोगों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) तथा अन्य लागू कानूनी प्रावधानों के तहत एफआईआर दर्ज कर निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

शिपिंग कंपनी में फिटर के पद पर थे तैनात

शिकायत के अनुसार, रंजना चौहान के पति राकेश चौहान को मुंबई स्थित XFINITY Maritime Services Private Limited ने 7 अक्टूबर 2025 को एम.वी. ELIAK नामक समुद्री जहाज पर फिटर के पद पर नियुक्त किया था। परिजनों का कहना है कि जहाज पर रवाना होने से पहले भारत सरकार के अधिकृत मेडिकल बोर्ड ने उनकी स्वास्थ्य जांच की थी और उन्हें पूरी तरह फिट घोषित किया गया था।

मानसिक उत्पीड़न का लगाया आरोप

रंजना चौहान का आरोप है कि जहाज पर तैनाती के दौरान उनके पति ने कई बार फोन कर बताया था कि जहाज के कप्तान और चीफ ऑफिसर उनके साथ मानसिक उत्पीड़न कर रहे हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें निर्धारित विश्राम अवधि नहीं दी जाती थी और उनके साथ अमानवीय व्यवहार किया जाता था।

परिजनों के मुताबिक, राकेश चौहान लगातार कार्यस्थल पर हो रही परेशानियों की जानकारी परिवार को देते रहे थे। इसके कुछ समय बाद 7 मई 2026 को जहाज पर उनकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई।

पोस्टमार्टम और दस्तावेजों पर उठाए सवाल

रंजना चौहान ने आरोप लगाया कि उनके पति का विदेश में बिना परिवार की सहमति के पोस्टमार्टम कराया गया। उनका यह भी दावा है कि भारत लाए गए शव में कुछ आंतरिक अंग मौजूद नहीं थे। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि मामले से जुड़े कुछ दस्तावेजों में कथित रूप से कूटरचित हस्ताक्षर किए गए और महत्वपूर्ण साक्ष्यों को नष्ट करने का प्रयास किया गया।

निष्पक्ष जांच की मांग

पीड़िता ने डीएम और एसपी से पूरे मामले की निष्पक्ष एवं गहन जांच कराने की मांग की है। उन्होंने संबंधित जहाज के कप्तान, चीफ ऑफिसर, शिपिंग कंपनी के अधिकारियों और अन्य जिम्मेदार लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई करने की अपील की है।

फिलहाल प्रशासन की ओर से शिकायत प्राप्त होने की पुष्टि की गई है। मामले की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

नोट: इस खबर में लगाए गए आरोप शिकायतकर्ता के प्रार्थना-पत्र पर आधारित हैं। संबंधित शिपिंग कंपनी, जहाज प्रबंधन और अन्य पक्षों का पक्ष अभी सामने नहीं आया है। जांच पूरी होने के बाद ही मामले के तथ्यों की आधिकारिक पुष्टि हो सकेगी।


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