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बुलंदशहर में मजदूरों का हंगामा, वेतन बढ़ोतरी और सुविधाओं की मांग पर प्रदर्शन

Bolta Sach News
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Workers protest in Bulandshahr
बोलता सच,बुलंदशहर : बुलंदशहर के सिकंदराबाद औद्योगिक क्षेत्र में स्थित एक निजी कंपनी में उस समय माहौल तनावपूर्ण हो गया, जब बड़ी संख्या में कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर कंपनी गेट पर जोरदार धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। अचानक हुए इस विरोध प्रदर्शन से कंपनी प्रबंधन और स्थानीय प्रशासन में हड़कंप मच गया। श्रमिकों ने एकजुट होकर वेतन बढ़ाने, पीएफ और ईएसआई जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा ठेकेदारों द्वारा किए जा रहे कथित शोषण के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की।

मजदूरों का आरोप है कि उनसे रोजाना लगभग 12 घंटे तक काम कराया जाता है, लेकिन इसके बदले उन्हें बेहद कम वेतन दिया जाता है। उनका कहना है कि मौजूदा वेतन से परिवार का भरण-पोषण करना मुश्किल हो रहा है। प्रदर्शन कर रहे श्रमिकों ने मांग की कि महिला कर्मचारियों को न्यूनतम 15 हजार रुपये और पुरुष कर्मचारियों को कम से कम 20 हजार रुपये मासिक वेतन दिया जाए। इसके अलावा उन्होंने सभी कर्मचारियों को पीएफ, ईएसआई और अन्य सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करने की भी मांग उठाई।

इस घटना से पहले नोएडा के फेज-2 क्षेत्र में भी कर्मचारियों का विरोध प्रदर्शन जारी है, जिससे प्रशासन की चिंता बढ़ गई है। नोएडा में प्रशासन और श्रम विभाग ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए रणनीति तैयार की थी, लेकिन कर्मचारियों के बढ़ते आक्रोश के सामने यह प्रयास प्रभावी साबित नहीं हो सके। नोएडा की घटना के बाद अब बुलंदशहर में भी इसी तरह का प्रदर्शन सामने आने से श्रमिक असंतोष का दायरा बढ़ता हुआ नजर आ रहा है।

बुलंदशहर में प्रदर्शन की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। एसपी सिटी, श्रम विभाग की अधिकारी, एसडीएम और अन्य संबंधित अधिकारियों ने स्थिति को संभालने के लिए तुरंत हस्तक्षेप किया। अधिकारियों ने प्रदर्शन कर रहे मजदूरों से बातचीत की और उनकी समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुना। उन्होंने श्रमिकों को आश्वासन दिया कि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा और उचित कार्रवाई की जाएगी।

करीब कई घंटों तक चले इस प्रदर्शन के दौरान माहौल तनावपूर्ण बना रहा, लेकिन प्रशासन के समझाने और वार्ता के बाद स्थिति धीरे-धीरे शांत हो गई। अधिकारियों के आश्वासन के बाद मजदूरों ने प्रदर्शन समाप्त कर दिया और काम पर लौटने के लिए सहमति जताई।

फिलहाल क्षेत्र में स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है और किसी प्रकार का विरोध प्रदर्शन नहीं हो रहा है। हालांकि, यह मामला पूरी तरह समाप्त नहीं माना जा रहा है, क्योंकि मजदूरों की मांगों पर अंतिम निर्णय अभी बाकी है। आने वाले दिनों में प्रशासन और कंपनी प्रबंधन द्वारा क्या कदम उठाए जाते हैं, इस पर सभी की नजर बनी हुई है। यह घटना श्रमिकों के बढ़ते असंतोष और उनके अधिकारों को लेकर जागरूकता को भी दर्शाती है, जो भविष्य में और बड़े आंदोलनों का रूप ले सकती है।


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