अखिलेश यादव ने कहा कि सरकार की मंशा महिला आरक्षण लागू करने की नहीं दिखती। उन्होंने सवाल उठाया कि अभी तक क्षेत्र निर्धारण और सीटों का स्पष्ट ब्योरा सामने क्यों नहीं आया है। साथ ही उन्होंने जनगणना पूरी न होने का मुद्दा भी उठाया और आरोप लगाया कि अन्य गंभीर मुद्दों से ध्यान हटाने के लिए इस विषय को उछाला जा रहा है।
महिलाओं की सुरक्षा पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात संतोषजनक नहीं हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश और देश की स्थिति लगातार बिगड़ रही है। पूर्व मुख्यमंत्री ने संविधान के मूल सिद्धांतों का उल्लेख करते हुए कहा कि केवल प्रतीकात्मक कदमों से सम्मान नहीं मिलता, बल्कि अधिकारों को सुनिश्चित करने से वास्तविक सम्मान मिलता है।
आर्थिक मोर्चे पर भी उन्होंने सरकार को घेरते हुए महंगाई और बेरोजगारी में बढ़ोतरी का जिक्र किया। उन्होंने नोटबंदी के बाद भ्रष्टाचार बढ़ने का आरोप लगाया और पत्रकारों पर कार्रवाई को लेकर भी सवाल उठाए। नोएडा में हाल ही में हुए श्रमिक विरोध का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि सरकार को मजदूरों की समस्याओं पर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए।
इस दौरान मुसाफिरखाना स्थित छाया पब्लिक स्कूल के सामने उनका जोरदार स्वागत किया गया। सपा नेता जयसिंह प्रताप यादव अपने समर्थकों के साथ मौजूद रहे। अखिलेश यादव ने वाहन रोककर लोगों का अभिवादन स्वीकार किया और स्थानीय नागरिकों से बातचीत भी की। लोगों ने अपनी समस्याएं उनके सामने रखीं, जिनके समाधान का भरोसा उन्होंने दिया।
उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से संगठन स्तर पर सक्रिय रहने का आह्वान किया और 2027 के विधानसभा चुनाव में पार्टी को मजबूत बनाने की अपील की। कार्यक्रम के दौरान जयसिंह प्रताप यादव ने भादर ब्लॉक में अंबेडकर प्रतिमा हटाए जाने का मुद्दा भी उठाया।
इस मौके पर बड़ी संख्या में स्थानीय नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।