जानकारी के मुताबिक, चुनावों को देखते हुए रेलवे स्टेशन और ट्रेनों में सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट पर रखा गया है। इसी क्रम में जीआरपी और आरपीएफ की संयुक्त टीम वैशाली एक्सप्रेस में जांच कर रही थी। जब टीम एसी कोच के पास पहुंची तो एक युवक संदिग्ध हालत में दिखा। शक के आधार पर जब उसके बैग की तलाशी ली गई, तो उसमें नोटों के बंडल मिले। गिनती में रकम करीब एक करोड़ रुपये निकली।
पूछताछ में युवक ने अपना नाम मुकुंद माधव, निवासी मोकामा, जिला पटना (बिहार) बताया। उसने कहा कि वह किसी परिचित के कहने पर यह रकम लेकर यात्रा कर रहा था, लेकिन पैसे के स्रोत और गंतव्य के बारे में कोई संतोषजनक जानकारी नहीं दे सका।
रेलवे क्षेत्राधिकारी (सीओ) विनोद कुमार सिंह ने बताया कि चेकिंग के दौरान मोकामा निवासी मुकुंद माधव को एक करोड़ रुपये नकद के साथ पकड़ा गया है। युवक रकम के स्रोत को लेकर कोई ठोस जवाब नहीं दे सका। बरामद नकदी को सीज कर दिया गया है और मामले की सूचना आयकर विभाग को दे दी गई है।
रकम के स्रोत की जांच में जुटी एजेंसियां
सूत्रों के अनुसार, जीआरपी और खुफिया विभाग यह पता लगाने में जुटे हैं कि इतनी बड़ी रकम कहां से आई और किसके लिए भेजी जा रही थी। प्रारंभिक जांच में संदेह है कि यह हवाला नेटवर्क के माध्यम से चुनावी प्रयोजन के लिए भेजी जा रही थी।
आयकर विभाग ने रकम भेजने वाले और प्राप्तकर्ता की पहचान के लिए जांच शुरू कर दी है। वहीं, युवक से लगातार पूछताछ की जा रही है। उसके मोबाइल फोन, बैंक खातों और संपर्क सूत्रों की भी गहन जांच की जा रही है।
गोरखपुर जीआरपी की यह कार्रवाई चुनाव के दौरान काले धन के प्रवाह पर रोक लगाने की दिशा में एक बड़ी सफलता मानी जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि आगामी दिनों में रेलवे और अंतरराज्यीय मार्गों पर चेकिंग और सख्त की जाएगी, ताकि संदिग्ध लेनदेन और अवैध नकदी पर कड़ी निगरानी रखी जा सके।