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देवरिया में स्वतंत्रता सेनानी भागवत भगत की मूर्ति तोड़े जाने से आक्रोश, बंगरा बाजार में धरना-प्रदर्शन

Bolta Sach News
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Freedom fighter Bhagwat Bhagat in Deoria
बोलता सच,देवरिया : अंग्रेजों के खिलाफ आज़ादी की अलख जगाने वाले महान क्रांतिकारी भागवत भगत उर्फ ‘खजड़ी वाले बाबा’ की मूर्ति को अराजक तत्वों ने गुरुवार देर रात क्षतिग्रस्त कर दिया। शुक्रवार सुबह जब इस घटना की जानकारी लोगों को हुई तो इलाके में भारी आक्रोश फैल गया। सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण बंगरा बाजार पहुंच गए और टूटी हुई मूर्ति के सामने धरने पर बैठकर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करने लगे।
घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन में हड़कंप मच गया। मौके पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी पहुंचे। क्षेत्रीय विधायक सभा कुंवर कुशवाहा भी घटनास्थल पर पहुंचे और लोगों को समझा-बुझाकर स्थिति को शांत कराया। वहीं, सलेमपुर से समाजवादी पार्टी के सांसद रामाशंकर विद्यार्थी ने इस घटना को स्वतंत्रता सेनानियों का अपमान बताते हुए कड़ी नाराजगी जताई और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की।

अंग्रेजों के खिलाफ गीतों से जगाया था जनजागरण

देवरिया जिले के छठियांव गांव में एक गरीब किसान परिवार में जन्मे भागवत भगत देश के प्रमुख स्वतंत्रता सेनानियों में शामिल थे। उन्होंने 1930 के नमक सत्याग्रह और 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाई थी। भागवत भगत अपनी अनोखी शैली के लिए जाने जाते थे। वे हाथ में खजड़ी (वाद्य यंत्र) लेकर नंगे पांव गांव-गांव घूमते और भोजपुरी गीतों के जरिए लोगों को अंग्रेजों के खिलाफ एकजुट करते थे।
उनका लोकप्रिय गीत—
“गेहुआं के रोटियां, रहरिया के दलिया तनी घिव भी मिलिहे ना।
जब मिलेगी अजदिया त तनी सा घिव भी मिलिहे ना।”
आजादी के संघर्ष का प्रतीक बन गया था और युवाओं में जोश भर देता था।

बंगरा बाजार में स्थापित थी मूर्ति

बुजुर्गों के अनुसार, भागवत भगत के गीतों में ऐसा आकर्षण था कि उन्हें सुनने के लिए बड़ी संख्या में लोग जुट जाते थे। वे महात्मा गांधी के विचारों से प्रेरित थे। बिहार बॉर्डर स्थित बंगरा बाजार में अंग्रेजी पुलिस के लाठीचार्ज में वे गंभीर रूप से घायल भी हुए थे। आजादी की लड़ाई में उन्हें कई बार जेल जाना पड़ा, लेकिन उनका संघर्ष कभी नहीं रुका। बंगरा बाजार चौराहे पर उनकी मूर्ति उनके साथी और पूर्व सांसद स्वर्गीय हर केवल प्रसाद द्वारा स्थापित कराई गई थी। हर वर्ष 4 दिसंबर को यहां भागवत भगत की स्मृति में कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।

दोषियों की तलाश में पुलिस

मूर्ति तोड़े जाने की खबर फैलते ही आसपास के गांवों से लोग बड़ी संख्या में पहुंच गए और प्रदर्शन शुरू कर दिया। पुलिस ने अराजक तत्वों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए जांच शुरू कर दी है। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि दोषियों को जल्द गिरफ्तार कर सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस घटना के बाद क्षेत्र में तनाव का माहौल है, लेकिन प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

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