बोलता सच,पटना : पटना में बिहार की राजनीति के एक अहम अध्याय को डिजिटल मंच पर पेश किया गया। जदयू मुख्यालय में आयोजित एक गरिमामय कार्यक्रम में नीतीश कुमार के जीवन और राजनीतिक सफर पर आधारित शॉर्ट फिल्म ‘मेरा नेता, मेरा अभिमान’ और एक विशेष गीत का आधिकारिक लॉन्च किया गया। इस फिल्म को उनके पुत्र निशांत कुमार ने जारी किया।
कार्यक्रम के दौरान फिल्म देखने के बाद जदयू के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद अशोक चौधरी भावुक हो गए। उनकी आंखों में आंसू आ गए, जिसे देखकर पास में बैठे निशांत कुमार ने उनका हाथ पकड़कर उन्हें संभाला। यह पल कार्यक्रम का सबसे भावुक क्षण बन गया।
इस अवसर पर अशोक चौधरी ने कहा कि नीतीश कुमार का मुख्यमंत्री पद छोड़कर राज्यसभा जाना समर्थकों के लिए भावनात्मक निर्णय रहा है। उन्होंने कहा, “हम सभी चाहते थे कि नीतीश जी पांच साल और बिहार की कमान संभालें, लेकिन उनके फैसले का सम्मान करना हमारा कर्तव्य है।” उन्होंने यह भी बताया कि इस विशेष गीत के माध्यम से उनके विकास कार्यों को सम्मान देने की कोशिश की गई है।
वहीं निशांत कुमार ने कहा कि फिल्म और गीत को देखकर ऐसा लगा जैसे उनके पिता के 20 वर्षों के कार्यकाल का पूरा सफर आंखों के सामने जीवंत हो गया हो। उन्होंने इसे गर्व का क्षण बताते हुए खुशी जताई।
शॉर्ट फिल्म में नीतीश कुमार के छात्र जीवन से लेकर उनके लंबे राजनीतिक संघर्ष को विस्तार से दिखाया गया है। 1970 के दशक में शुरू हुए उनके सफर में जेपी आंदोलन की भूमिका, विधायक और सांसद के रूप में उनकी जिम्मेदारियां, और केंद्र में अटल बिहारी वाजपेयी के साथ काम करने के अनुभवों को भी प्रमुखता से दर्शाया गया है।
फिल्म में यह भी बताया गया है कि नीतीश कुमार उन चुनिंदा नेताओं में शामिल हैं, जिन्होंने लोकतंत्र के लगभग हर सदन—विधानसभा, विधान परिषद, लोकसभा और अब राज्यसभा—में अपनी भूमिका निभाई है।
मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद अब उनकी नई भूमिका को फिल्म में एक “अंत” नहीं बल्कि “नए अध्याय की शुरुआत” के रूप में प्रस्तुत किया गया है। इसमें यह संदेश देने की कोशिश की गई है कि उनकी राजनीतिक यात्रा अभी जारी है और वे राज्यसभा के माध्यम से राष्ट्रीय स्तर पर योगदान देंगे।
कार्यक्रम में मौजूद नेताओं और कार्यकर्ताओं ने फिल्म और गीत की सराहना की। यह आयोजन न केवल एक राजनीतिक नेता के सफर को दर्शाने का माध्यम बना, बल्कि उनके समर्थकों के लिए भावनात्मक जुड़ाव का भी अवसर साबित हुआ।
इसे भी पढ़े : नई दिल्ली में सियासी हलचल—राघव चड्ढा की Z+ सुरक्षा हटी, AAP से मतभेद गहराए
➤ You May Also Like

















































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































