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देवरिया के संत विनोबा पीजी कॉलेज में रोवर्स-रेंजर्स प्रशिक्षण शिविर संपन्न, छात्रों को अनुशासन और आत्मनिर्भरता का संदेश

Bolta Sach News
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Sant Vinoba PG, Deoria
बोलता सच,देवरिया : देवरिया स्थित संत विनोबा पीजी कॉलेज में भारत स्काउट एवं गाइड उत्तर प्रदेश के तत्वावधान में आयोजित रोवर्स-रेंजर्स का अनिवार्य प्रशिक्षण शिविर सफलतापूर्वक संपन्न हो गया। यह तीन दिवसीय शिविर 13 अप्रैल से शुरू होकर 15 अप्रैल तक चला, जिसमें बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने भाग लेकर स्काउटिंग और गाइडिंग के विभिन्न पहलुओं का प्रशिक्षण प्राप्त किया। शिविर का संचालन दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के निर्देशन में किया गया।

समापन समारोह के अवसर पर महाविद्यालय के हिन्दी विभागाध्यक्ष प्रोफेसर शैलेंद्र कुमार राव मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने ध्वजारोहण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया और मां सरस्वती के चित्र पर दीप प्रज्वलित कर औपचारिक शुरुआत की। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि स्काउट-गाइड केवल एक प्रशिक्षण कार्यक्रम नहीं, बल्कि जीवन जीने की एक सशक्त कला है, जो व्यक्ति को हर परिस्थिति में संतुलित और सक्षम बनाए रखती है।

उन्होंने कहा कि आज के प्रतिस्पर्धात्मक दौर में युवाओं के लिए अनुशासन, आत्मनिर्भरता और सहयोग की भावना बेहद आवश्यक है, और स्काउटिंग इन गुणों को विकसित करने का एक प्रभावी माध्यम है। उन्होंने प्रशिक्षुओं को प्रेरित करते हुए कहा कि वे शिविर में सीखी गई बातों को अपने दैनिक जीवन में अपनाएं और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझें।

कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रोफेसर भूपेश मणि त्रिपाठी भी मौजूद रहे। उन्होंने रोवर्स-रेंजर्स की स्थापना, उद्देश्य और महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि स्काउटिंग की परंपरा युवाओं को न केवल शारीरिक रूप से मजबूत बनाती है, बल्कि उनमें नेतृत्व क्षमता, टीम वर्क और सामाजिक चेतना का भी विकास करती है।

शिविर के मुख्य प्रशिक्षक सूरज चंद ने प्रशिक्षण के दौरान विद्यार्थियों को स्काउटिंग के नौ नियमों की जानकारी दी और उनके व्यावहारिक महत्व को समझाया। उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति इन नियमों को अपने जीवन में अपनाता है, तो सफलता स्वतः उसके कदम चूमती है। उन्होंने ईश्वर, समाज और स्वयं के प्रति कर्तव्यों का विस्तार से वर्णन करते हुए विद्यार्थियों को जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित किया।

तीन दिनों तक चले इस प्रशिक्षण शिविर में प्रतिभागियों के सर्वांगीण विकास पर विशेष ध्यान दिया गया। इसमें शारीरिक, मानसिक, बौद्धिक, आध्यात्मिक और भावनात्मक विकास से जुड़े विभिन्न सत्र आयोजित किए गए। विद्यार्थियों को आपदा प्रबंधन, प्राथमिक उपचार, समूह में कार्य करना, नेतृत्व कौशल और सामाजिक सेवा जैसे विषयों पर व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया।

शिविर का मुख्य उद्देश्य युवाओं को इस प्रकार तैयार करना था कि वे समाज और राष्ट्र के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को बेहतर ढंग से निभा सकें। इस दौरान विभिन्न गतिविधियों, अभ्यासों और समूह कार्यों के माध्यम से विद्यार्थियों में आत्मविश्वास और अनुशासन की भावना विकसित की गई।

कार्यक्रम का संचालन डॉ. राज कुमार गुप्ता ने किया, जबकि डॉ. शगुफ्ता अफरोज ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर महाविद्यालय के चीफ प्रॉक्टर डॉ. विवेक मिश्र, डॉ. चन्द्रेश बारी, डॉ. तूलिका पाण्डेय, डॉ. अभिनव चौबे, डॉ. राजेश कुमार मिश्र सहित कई अन्य शिक्षक और कर्मचारी उपस्थित रहे।

शिविर के सफल आयोजन में प्रशिक्षक शिवा कुमार का विशेष योगदान रहा, जिनके मार्गदर्शन में विद्यार्थियों ने विभिन्न गतिविधियों को सफलतापूर्वक संपन्न किया। समापन के साथ ही प्रतिभागियों के चेहरों पर आत्मविश्वास और नई ऊर्जा साफ झलक रही थी, जो इस शिविर की सफलता का प्रमाण है।


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