बोलता सच,देवरिया : बदलते समय के साथ देवरिया पुलिस अब पारंपरिक प्रशिक्षण पद्धतियों से आगे बढ़ते हुए डिजिटल माध्यमों को अपना रही है। केंद्रीय गृह मंत्रालय की पहल पर पुलिस अधिकारियों, जांच अधिकारियों और जवानों के लिए i-GOT कर्मयोगी पोर्टल पर ऑनलाइन प्रशिक्षण अनिवार्य कर दिया गया है।
इस संबंध में गोरखपुर परिक्षेत्र के पुलिस उप महानिरीक्षक एस. चन्नप्पा ने अधिकारियों और थानेदारों के साथ बैठक कर प्रशिक्षण की प्रगति और महत्व पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि आधुनिक दौर में तकनीकी दक्षता पुलिस के लिए अत्यंत आवश्यक है, जिससे अपराध नियंत्रण और जांच की गुणवत्ता में सुधार लाया जा सके।
i-GOT कर्मयोगी पोर्टल पर करीब 16 अध्याय उपलब्ध हैं, जिनमें सरकारी कर्मचारियों की आचार संहिता, महिला सुरक्षा, साइबर सुरक्षा, नई तकनीकों का उपयोग, मिशन लाइफ ओरिएंटेशन, योगा ब्रेक और तनाव प्रबंधन जैसे विषय शामिल हैं। इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य पुलिसकर्मियों को पेशेवर रूप से सक्षम बनाना और उनकी कार्यशैली में संवेदनशीलता लाना है।
इस डिजिटल प्रशिक्षण की खास बात यह है कि इसे मोबाइल फोन के जरिए कहीं भी और कभी भी पूरा किया जा सकता है। इससे पुलिसकर्मियों को अपनी सुविधा के अनुसार सीखने का अवसर मिल रहा है। जिले में इस प्रशिक्षण की प्रगति की नियमित समीक्षा की जा रही है, ताकि सभी कर्मी निर्धारित समय-सीमा के भीतर इसे पूरा कर सकें। कई अधिकारी और जवान इस प्रशिक्षण को सफलतापूर्वक पूरा भी कर चुके हैं।
मंगलवार को पुलिस लाइन सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में डीआईजी एस. चन्नप्पा ने अपराध नियंत्रण, निरोधात्मक कार्रवाई, मिशन शक्ति फेज-5 और i-GOT कर्मयोगी कार्यक्रम की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने लंबित विवेचनाओं को जल्द निपटाने, वांछित अभियुक्तों की गिरफ्तारी तेज करने और कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के निर्देश दिए।
महिला सुरक्षा पर विशेष जोर देते हुए उन्होंने कहा कि महिलाओं से जुड़े मामलों में त्वरित और संवेदनशील कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए। साथ ही उन्होंने जागरूकता कार्यक्रमों को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश भी दिए, ताकि समाज में सुरक्षा के प्रति विश्वास बढ़ाया जा सके।
इस मौके पर पुलिस अधीक्षक संजीव सुमन ने कहा कि i-GOT कर्मयोगी पहल पुलिस विभाग के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे पुलिसकर्मी नई तकनीकों और आधुनिक कार्यप्रणाली से जुड़ रहे हैं, जिससे उनकी कार्यकुशलता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
बैठक में अपर पुलिस अधीक्षक, सभी थानाध्यक्ष और विभिन्न शाखाओं के प्रभारी अधिकारी मौजूद रहे। यह पहल न केवल पुलिसिंग को आधुनिक बनाएगी, बल्कि जनता के साथ बेहतर संवाद और भरोसा कायम करने में भी सहायक सिद्ध होगी।
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