समापन दिवस पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर परिसर में एकत्र हुए और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूर्णाहुति में भाग लेकर सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना की। पूरे आयोजन स्थल पर भक्तिमय वातावरण बना रहा और श्रद्धालुओं की भीड़ सुबह से ही उमड़ पड़ी।
शनिवार दोपहर को कार्यक्रम में विशेष आकर्षण के रूप में सुनील सांवरिया झांकी ग्रुप, पथरदेवा द्वारा भव्य और आकर्षक झांकियों की प्रस्तुति दी गई। इन झांकियों में विभिन्न धार्मिक प्रसंगों का जीवंत चित्रण किया गया, जिसने उपस्थित लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। झांकियों को देखने के लिए आसपास ही नहीं, बल्कि दूर-दराज के गांवों से भी लोग पहुंचे।
महायज्ञ के समापन के उपरांत विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने महाप्रसाद ग्रहण किया। महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों ने श्रद्धा के साथ प्रसाद लिया और आयोजन की सराहना की।
इस दस दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान के दौरान प्रतिदिन दिन में प्रख्यात प्रवचनकर्ता पंडित वीरेंद्र तिवारी द्वारा रामचरितमानस कथा का भावपूर्ण वाचन किया गया। उनके प्रवचनों ने श्रद्धालुओं को धर्म, आस्था और जीवन मूल्यों के प्रति प्रेरित किया। वहीं रात्रि के समय भव्य रामलीला का मंचन किया जाता रहा, जिसे देखने के लिए क्षेत्र के विभिन्न गांवों से भारी संख्या में लोग प्रतिदिन पहुंचते रहे।
पूरे आयोजन के दौरान मंदिर परिसर और आसपास का वातावरण पूरी तरह भक्तिमय बना रहा। भजन-कीर्तन, कथा और रामलीला के माध्यम से श्रद्धालु आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर होते रहे। समापन अवसर पर आयोजकों ने सभी श्रद्धालुओं, सहयोगियों और क्षेत्रवासियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सभी के सहयोग से यह महायज्ञ सफलतापूर्वक संपन्न हो सका।
इस मौके पर अध्यक्ष गुलाब सिंह, राजेंद्र सिंह, सुजीत प्रताप सिंह, ग्राम प्रधान अजीत सिंह, अजय सिंह, हरेंद्र सिंह, दरोगा सिंह, जितेंद्र सिंह, प्रमोद चौबे, जय कुमार राव, बृजेश शुक्ला, कैलाश सिंह, सत्य प्रकाश सिंह, रामाधार सिंह, मुन्ना शर्मा, प्रिंस सिंह, रामलाल सिंह, राजवंशी मल्ल, सोन भारती, राजेश यादव, राजन शर्मा, गुलशन सिंह, उपदेश यादव सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
महाप्रसाद वितरण और पूर्णाहुति के साथ 23वें सहस्त्र चंडी महायज्ञ का समापन हुआ, जो क्षेत्र में धार्मिक एकता और आस्था का बड़ा केंद्र बनकर उभरा।
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