जानकारी के मुताबिक, पूरा मामला क्वार्सी थाना क्षेत्र के अनूपशहर रोड स्थित एक्वा वाटर पार्क के बाहर हुए विवाद से शुरू हुआ। गाड़ी आगे-पीछे करने को लेकर शाहिद अली का कुछ एएमयू छात्रों और उनके साथियों से झगड़ा हो गया था, जो देखते ही देखते मारपीट में बदल गया। सूचना पर पहुंची पुलिस के आने से पहले ही आरोपी मौके से फरार हो गए थे।
बताया जा रहा है कि अगले दिन सुबह इन्हीं आरोपियों ने शाहिद अली के आशियाना ग्रीन सोसाइटी स्थित घर पर फायरिंग कर दी और फरार हो गए। इस मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एमएम टावर निवासी फैसल, अशरफ और साकिब को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
फायरिंग की घटना के बाद पुलिस ने जब जियाउद्दीन हॉल में तलाशी अभियान चलाया तो एक कमरे से चौंकाने वाली बरामदगी हुई। पुलिस को वहां से 32 बोर की दो देसी पिस्टल, मैगजीन, .315 बोर के चार खोखे, 9 एमएम का एक कारतूस और 12 बोर के चार कारतूस मिले। इसके अलावा 100-100 रुपये के छह नकली नोट और कई संदिग्ध दस्तावेज भी बरामद किए गए।
तलाशी के दौरान पुलिस को आठ मोबाइल फोन, एक लैपटॉप और शहबाज के नाम की हाईस्कूल की दो मार्कशीट भी मिली हैं। इन बरामद वस्तुओं के आधार पर पुलिस अब मामले की गहराई से जांच कर रही है।
इस संबंध में सीओ सिटी सर्वम सिंह ने बताया कि मुख्य आरोपी शहबाज ने हॉस्टल के कमरे में रहने वाले अन्य छात्रों को डरा-धमकाकर बाहर निकाल दिया था और खुद वहां रहकर आपराधिक गतिविधियों को अंजाम दे रहा था।
पुलिस का कहना है कि फरार आरोपियों की तलाश तेज कर दी गई है और पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है। इस घटना के बाद विश्वविद्यालय परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।