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स्टेरॉयड युक्त चिकन और ऑक्सीटोसिन वाला दूध बढ़ा रहा महिलाओं में स्तन कैंसर का खतरा: शोध

Bolta Sach News
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जीवन शैली एवं स्वास्थ्य (बोलता सच) :  स्टेरॉयड देकर पाले गए मुर्गों का मांस और ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन से निकाला गया दूध – ये दोनों चीजें महिलाओं में स्तन कैंसर के बढ़ते मामलों का प्रमुख कारण बनती जा रही हैं। यह अहम जानकारी जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज में आयोजित “साइटोकॉन-2025” में सामने आई, जिसे गोवा मेडिकल कॉलेज के पैथोलॉजी विशेषज्ञ डॉ. आरजीडब्ल्यू पिंटो ने साझा किया।
डॉ. पिंटो ने बताया कि उन्होंने 500 महिलाओं पर विस्तृत शोध किया है। इसमें पाया गया कि:
  • मुर्गों को दिए गए स्टेरॉयड वाले मांस का सेवन करने वाली महिलाओं में स्तन कैंसर का जोखिम अधिक था।
  • वहीं, जिन महिलाओं ने ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन से निकाले गए दूध का नियमित सेवन किया, उनमें भी यह खतरा स्पष्ट रूप से सामने आया।
उनका यह शोध अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त कर चुका है और इसे फ्लोरिडा (अमेरिका) में आयोजित इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस फॉर कैंसर रिसर्च में प्रस्तुत भी किया गया।

शोध से जुड़े कुछ मुख्य बिंदु:
  • शोध में 18 से 60 वर्ष की उम्र की स्तन कैंसर रोगी महिलाएं शामिल की गईं।
  • इनमें से 200 महिलाएं नियमित रूप से चिकन खाती थीं, और अधिकांश महिलाएं ऑक्सीटोसिन वाला दूध पी रही थीं।
  • ब्लड सैंपल और कोशिकाओं की जांच में शरीर में स्टेरॉयड की उपस्थिति पाई गई, जिससे यह निष्कर्ष निकाला गया कि इन पदार्थों का प्रभाव कोशिका स्तर तक होता है।
  • स्टेरॉयड शरीर में जाकर कैंसर से लड़ने वाले जीन को कमजोर कर देता है और रोग को बढ़ाने वाले जीन सक्रिय हो जाते हैं।

अन्य कारण जो स्तन कैंसर को बढ़ावा देते हैं:
डॉ. पिंटो ने बताया कि सिर्फ स्टेरॉयड या ऑक्सीटोसिन ही नहीं, बल्कि आधुनिक जीवनशैली की कई अन्य आदतें भी स्तन कैंसर के जोखिम को बढ़ाती हैं:
  • प्रोसेस्ड फूड, सॉफ्ट ड्रिंक और माइक्रोप्लास्टिक से भरे उत्पाद
  • पानी में मौजूद भारी धातुएं
  • धूम्रपान और अत्यधिक तनाव
  • देर से विवाह और एक ही संतान होना
उनका कहना है कि जल्दी शादी और अधिक बच्चों का होना स्तन कैंसर के जोखिम को कम करता है। साथ ही, जिन महिलाओं की फैमिली हिस्ट्री में पहले से यह बीमारी रही है, उन्हें अतिरिक्त सतर्क रहने की आवश्यकता है।

सोया मिल्क एक सुरक्षित विकल्प

डॉ. पिंटो ने जापान और चीन का उदाहरण देते हुए बताया कि वहाँ सोया मिल्क का अधिक इस्तेमाल किया जाता है, जो स्टेरॉयड और हार्मोन से मुक्त होता है और महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए कहीं अधिक सुरक्षित माना जाता है।

स्तन कैंसर की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए यह आवश्यक हो गया है कि हम अपने खाद्य विकल्पों और जीवनशैली की समीक्षा करें। विशेष रूप से महिलाएं — जिन्हें फैमिली हिस्ट्री है या जो असंतुलित आहार और जीवनशैली अपना रही हैं — उन्हें सजग और जागरूक रहने की जरूरत है।

प्राकृतिक आहार, संतुलित जीवनशैली और नियमित जांच ही स्तन कैंसर से बचाव के सबसे प्रभावी उपाय हैं।


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