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कोडीन कफ सिरप तस्करी कांड में बड़ी कार्रवाई, एक लाख का इनामी शुभम जायसवाल भगोड़ा घोषित

Bolta Sach News
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Codeine cough syrup smuggling scandal
बोलता सच,लखनऊ : बहुचर्चित कोडीन कफ सिरप तस्करी मामले में उत्तर प्रदेश एसटीएफ ने बड़ी कार्रवाई करते हुए गिरोह के कथित मास्टरमाइंड शुभम जायसवाल और उसके दो सहयोगियों वरुण सिंह तथा गौरव जायसवाल को भगोड़ा घोषित कर दिया है। तीनों आरोपियों पर पहले से एक-एक लाख रुपये का इनाम घोषित है और उनके खिलाफ कई कानूनी कार्रवाइयों के बावजूद वे अदालत में पेश नहीं हुए।
पुलिस के अनुसार, शुभम जायसवाल वाराणसी के सिगरा क्षेत्र का निवासी है और उसे इस पूरे नेटवर्क का मुख्य संचालक माना जाता है। वहीं, वरुण सिंह आदमपुर प्रहलादघाट के कायस्थ टोला तथा गौरव जायसवाल पियरी भुलेटन चौक का रहने वाला बताया गया है। तीनों के खिलाफ 8 अप्रैल 2024 को सुशांत गोल्फ सिटी थाने में धोखाधड़ी, एनडीपीएस एक्ट और अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था।
जांच एजेंसियों के मुताबिक, शुभम जायसवाल ने उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में कोडीन युक्त कफ सिरप की अवैध तस्करी का नेटवर्क खड़ा किया था। उसके खिलाफ प्रदेश के विभिन्न जिलों में कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। गिरफ्तारी से बचने के लिए वह कथित तौर पर दुबई भाग गया, जबकि उसके दोनों सहयोगियों के भी वहीं छिपे होने की आशंका जताई जा रही है।
विशेष न्यायाधीश एनडीपीएस एक्ट की अदालत ने 4 फरवरी 2026 को तीनों आरोपियों के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया था। इसके बाद 18 फरवरी को फरारी उद्घोषणा जारी करते हुए उन्हें 18 मार्च तक अदालत में उपस्थित होने का निर्देश दिया गया था। निर्धारित समय सीमा बीत जाने के बाद भी आरोपियों के हाजिर न होने पर पुलिस ने उनके खिलाफ भगोड़ा घोषित करने की कार्रवाई पूरी की।
इस मामले में इससे पहले भी कई महत्वपूर्ण गिरफ्तारियां हो चुकी हैं। शुभम जायसवाल के पिता भोला जायसवाल को सोनभद्र पुलिस ने कोलकाता एयरपोर्ट से बैंकॉक भागने की कोशिश के दौरान गिरफ्तार किया था। वहीं, पूर्वांचल के एक बाहुबली से जुड़े बताए जाने वाले बर्खास्त सिपाही आलोक सिंह और अमित टाटा को भी गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। अब तक इस मामले में 18 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।
एसटीएफ ने शुभम जायसवाल की कथित अवैध कमाई से अर्जित लगभग 38 करोड़ रुपये की संपत्तियों का विवरण भी तैयार किया है। इनमें प्लॉट, मकान और वाहन शामिल हैं। महरौली और शिवपुरी क्षेत्र में स्थित करीब 5 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्ति पहले ही कुर्क की जा चुकी है, जबकि शेष लगभग 33 करोड़ रुपये की संपत्तियों को कुर्क करने की प्रक्रिया जारी है।
पुलिस और एसटीएफ का कहना है कि फरार आरोपियों की तलाश जारी है और उन्हें जल्द गिरफ्तार करने के लिए विभिन्न स्तरों पर कार्रवाई की जा रही है।

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