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तमिलनाडु सरकार के दिल्ली विशेष प्रतिनिधि बने के. वेंकट नारायण, नियुक्ति पर छिड़ा सियासी विवाद

Bolta Sach News
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Delhi Special Director of Tamil Nadu Government

बोलता सच,नई दिल्ली/चेन्नई : तमिलनाडु सरकार ने के. वेंकट नारायण को नई दिल्ली में राज्य का विशेष प्रतिनिधि नियुक्त किया है। उनका कार्यकाल एक वर्ष का होगा। मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के नेतृत्व वाली सरकार के इस फैसले पर विपक्षी दलों ने सवाल उठाए हैं और नियुक्ति को लेकर राजनीतिक विवाद शुरू हो गया है। सरकार की ओर से जारी आदेश के अनुसार, वेंकट नारायण की नियुक्ति अस्थायी होगी और कार्यभार संभालने की तारीख से एक साल तक प्रभावी रहेगी। उनकी सेवा की विस्तृत शर्तें और नियम अलग से जारी किए जाएंगे।

कौन हैं के. वेंकट नारायण?

के. वेंकट नारायण KVN ग्रुप के चेयरमैन हैं। उनके फिल्म प्रोडक्शन हाउस KVN प्रोडक्शंस ने मुख्यमंत्री विजय की मुख्य भूमिका वाली फिल्म ‘जन नायकन’ का निर्माण किया है। इससे पहले वह प्रेस्टीज ग्रुप के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) भी रह चुके हैं और उन्हें 25 वर्षों से अधिक का कॉरपोरेट नेतृत्व अनुभव है।

विपक्ष ने उठाए सवाल

नियुक्ति के बाद भाजपा, डीएमके और एआईएडीएमके ने सरकार की आलोचना की है।

  • भाजपा ने वेंकट नारायण के कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार से कथित संबंधों का हवाला देते हुए कहा कि ऐसे व्यक्ति को अहम पद देना तमिलनाडु के हितों के अनुरूप नहीं है।
  • डीएमके के राज्यसभा सांसद पी. विल्सन ने सवाल उठाया कि एक फिल्म निर्माता को इतनी महत्वपूर्ण प्रशासनिक जिम्मेदारी क्यों दी गई।
  • एआईएडीएमके ने भी तंज कसते हुए पूछा कि क्या मुख्यमंत्री की फिल्म का निर्माता होना ही इस पद की योग्यता बन गया है।

क्या होती है विशेष प्रतिनिधि की भूमिका?

नई दिल्ली में तमिलनाडु सरकार का विशेष प्रतिनिधि केंद्र सरकार और राज्य के बीच प्रमुख समन्वयक की भूमिका निभाता है। इस पद की जिम्मेदारियों में केंद्रीय मंत्रालयों के साथ तालमेल, राज्य की परियोजनाओं के लिए वित्तीय सहायता और मंजूरी सुनिश्चित करना, मुख्यमंत्री एवं मंत्रियों की केंद्रीय नेतृत्व से बैठकों का समन्वय तथा संसद सत्र के दौरान राज्य के हितों से जुड़े मामलों का प्रतिनिधित्व करना शामिल होता है। इस पद को कैबिनेट मंत्री के समकक्ष दर्जा प्राप्त होता है।

‘जन नायकन’ भी रही विवादों में

वेंकट नारायण की कंपनी द्वारा निर्मित फिल्म ‘जन नायकन’ हाल के महीनों में भी चर्चा में रही। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, फिल्म को प्रमाणन संबंधी प्रक्रियाओं के कारण रिलीज में देरी का सामना करना पड़ा, जबकि रिलीज से पहले इसका कथित हाई-क्वालिटी संस्करण ऑनलाइन लीक होने की खबर भी सामने आई थी।

इस नियुक्ति के बाद तमिलनाडु की राजनीति में सरकार की पारदर्शिता, नियुक्ति प्रक्रिया और इस पद की उपयुक्तता को लेकर बहस तेज हो गई है।


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