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रणजी ट्रॉफी: जम्मू-कश्मीर ने रचा इतिहास

Bolta Sach News
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Ranji Trophy Jammu and Kashmir

बोलता सच,नई दिल्ली : जम्मू-कश्मीर ने इतिहास रचते हुए रणजी ट्रॉफी का खिताब अपने नाम कर लिया। फाइनल में कर्नाटक के खिलाफ यह मुकाबला पहली पारी में बढ़त के आधार पर जीता गया। जम्मू-कश्मीर ने पहली पारी में 584 रन बनाए, जिसके जवाब में कर्नाटक की टीम 293 रन पर सिमट गई। इस तरह 291 रन की निर्णायक बढ़त हासिल हुई। पांचवें दिन जम्मू-कश्मीर ने दूसरी पारी में चार विकेट पर 342 रन बनाकर कुल बढ़त 633 रन तक पहुंचा दी। इसके बाद कप्तान पारस डोगरा ने पारी घोषित कर दी और दोनों कप्तानों की सहमति से मैच ड्रॉ समाप्त हुआ। पहली पारी की बढ़त के आधार पर जम्मू-कश्मीर को विजेता घोषित किया गया।


इकबाल-साहिल की ऐतिहासिक साझेदारी

दूसरी पारी में सलामी बल्लेबाज कामरान इकबाल और साहिल लोटरा ने शानदार बल्लेबाजी की। दोनों ने पांचवें विकेट के लिए 197 रन की अविजित साझेदारी की।

  • इकबाल: 311 गेंदों पर 160* रन (16 चौके, 3 छक्के)

  • साहिल: 226 गेंदों पर 101* रन (8 चौके, 3 छक्के)

पहले सत्र में कर्नाटक के गेंदबाज पूरी तरह बेअसर रहे और दिनभर यह साझेदारी नहीं तोड़ सके। पहली पारी में आकिब नबी डार ने पांच विकेट लेकर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया था।


फॉलोऑन न देने का फैसला बना मास्टरस्ट्रोक

291 रन की बढ़त के बावजूद जम्मू-कश्मीर ने फॉलोऑन नहीं दिया। यह रणनीतिक फैसला टीम के आत्मविश्वास को दर्शाता है और अंततः यही निर्णय जीत की राह बना।


मुख्यमंत्री भी रहे मौजूद

फाइनल मुकाबला देखने के लिए जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला भी स्टेडियम में मौजूद रहे। उन्होंने मैच की तस्वीरें अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर साझा कीं।


संघर्ष से शिखर तक का सफर

  • रणजी में पदार्पण: 1959-60

  • कुल मैच (इस सत्र से पहले): 334

  • जीत: 45

  • पहली जीत: 1982-83 (सेना के खिलाफ)

  • 2013-14: पहली बार क्वार्टर फाइनल

  • 2015-16: मुंबई क्रिकेट टीम को हराया (वानखेड़े स्टेडियम)

इस सत्र में कोच अजय शर्मा और कप्तान पारस डोगरा के नेतृत्व में टीम ने अपने प्रदर्शन को नई ऊंचाई दी और आखिरकार इतिहास रच दिया।


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