यह मामला 28 मार्च 2026 का है, जब भटजमुआव के पास गेहूं के खेत में एक अज्ञात युवक का शव मिला था। बाद में उसकी पहचान उन्नाव निवासी रवि प्रकाश के रूप में हुई, जो देवरिया के सोनूघाट स्थित एक फ्रूट सप्लायर कंपनी में काम करता था। इस घटना के बाद मृतक के ससुर की तहरीर पर 1 अप्रैल को अज्ञात के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की।
मामले की गंभीरता को देखते हुए सुरौली थाना पुलिस के साथ एसओजी और सर्विलांस टीम को भी लगाया गया। जांच के दौरान पुलिस को सीसीटीवी फुटेज में दो मोटरसाइकिलों पर सवार कुछ संदिग्ध युवक दिखाई दिए। इसके अलावा, घटना के कुछ दिनों बाद आरोपियों द्वारा मृतक का मोबाइल फोन चालू किए जाने से पुलिस को महत्वपूर्ण सुराग मिला।
इन्हीं सुरागों के आधार पर 12 अप्रैल को पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर बिंदवलिया पुल के पास से पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान करन भारती, धनंजय, पंकज भारती, अरुण कुमार (सभी निवासी पैकौली, सुरौली) और आकाश यादव (निवासी नगवा) के रूप में हुई है।
पूछताछ में आरोपियों ने चौंकाने वाला खुलासा किया। उन्होंने बताया कि 27 मार्च की रात वे दो मोटरसाइकिलों से जा रहे थे, तभी रवि प्रकाश ने उनसे लिफ्ट मांगी। आरोपियों ने उसे बैठा लिया, लेकिन कुछ दूरी तय करने के बाद किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई।
आरोप है कि कहासुनी के दौरान मृतक द्वारा गाली देने पर आरोपी भड़क गए। इसके बाद उन्होंने लाठी-डंडों और कड़े से उसकी जमकर पिटाई की। इतना ही नहीं, आरोपियों ने उस पर मोटरसाइकिल चढ़ाकर उसकी हत्या कर दी, जो इस घटना को और भी क्रूर बनाता है।
हत्या के बाद आरोपी शव को छिपाने के लिए उसे मोटरसाइकिल से भटजमुआव के पास गेहूं के खेत में फेंककर फरार हो गए थे। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त सामान बरामद कर लिया है।
इस पूरे मामले पर सुनील कुमार सिंह (अपर पुलिस अधीक्षक दक्षिणी) ने बताया कि सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और उनके खिलाफ साक्ष्य मजबूत हैं। पुलिस ने आगे की विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
इस घटना ने क्षेत्र में सनसनी फैला दी है और एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि मामूली विवाद किस तरह हिंसक और जानलेवा रूप ले सकता है।