पुलिस को 9 अप्रैल की सुबह मुखबिर से सूचना मिली, जिसके आधार पर टीम ने कसया ढाला के पास माल गोदाम के समीप घेराबंदी की। कार्रवाई के दौरान चारों आरोपियों को मौके से गिरफ्तार कर लिया गया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान प्रशांत कुमार उर्फ सन्नी, बृजमोहन प्रसाद, सुधीर सिंह उर्फ गोल्डेन और रौनक शाह के रूप में हुई है।
गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने उनके पास से दो चोरी के ई-रिक्शा (UP 52AT 5948 और UP 52BT 6266) बरामद किए। इसके अलावा 8 बैटरियां, 4 इलेक्ट्रॉनिक मोटर, 4 कंट्रोलर, 7 चार्जर और 31 अन्य बैटरियां भी मिलीं, जिनके सीरियल नंबर खुरचे गए थे। इतनी बड़ी मात्रा में सामान की बरामदगी से साफ है कि यह कोई छोटा मामला नहीं, बल्कि एक संगठित गिरोह की करतूत है।
पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि वे आसपास के इलाकों से मौका देखकर ई-रिक्शा चोरी करते थे। चोरी के बाद वे उनके पुर्जों को अलग-अलग कर बेच देते थे। पहचान छिपाने के लिए बैटरियों और उपकरणों के सीरियल नंबर भी मिटा दिए जाते थे, ताकि पुलिस तक कोई सुराग न पहुंच सके।
पुलिस के अनुसार, बरामद किए गए दोनों ई-रिक्शा के संबंध में कोतवाली थाना में पहले से ही अलग-अलग मुकदमे दर्ज थे, जिनका अब खुलासा हो गया है। इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जिले में वाहन चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इस कार्रवाई को बड़ी सफलता माना जा रहा है। साथ ही, गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों की तलाश भी जारी है।
इस खुलासे के बाद स्थानीय लोगों में पुलिस की कार्रवाई को लेकर संतोष है और उम्मीद जताई जा रही है कि ऐसे अपराधों पर आगे भी सख्ती से लगाम लगाई जाएगी।
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