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यूपी पंचायत चुनाव से पहले ओबीसी आरक्षण आयोग गठित, रिटायर्ड जस्टिस राम औतार सिंह बने अध्यक्ष

Bolta Sach News
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OBCs ahead of UP Panchayat elections
बोलता सच,लखनऊ : उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) आरक्षण तय करने के लिए ‘उत्तर प्रदेश राज्य स्थानीय ग्रामीण निकाय समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग’ का गठन कर दिया है। आयोग के अध्यक्ष के रूप में इलाहाबाद हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश राम औतार सिंह की नियुक्ति की गई है।

सरकार की ओर से गठित इस आयोग में दो सेवानिवृत्त अपर जिला जज बृजेश कुमार और संतोष विश्वकर्मा को सदस्य बनाया गया है। इसके अलावा रिटायर्ड आईएएस अधिकारी डॉ. अरविंद चौरसिया और एसपी सिंह को भी आयोग में शामिल किया गया है। आयोग को छह माह के भीतर अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपनी होगी। इसी रिपोर्ट के आधार पर पंचायत चुनावों में ओबीसी आरक्षण का निर्धारण किया जाएगा।

जस्टिस राम औतार सिंह का जन्म 15 जनवरी 1949 को बिजनौर जिले में हुआ था। उन्होंने वर्ष 1976 में पीसीएस (न्यायिक सेवा) से अपने करियर की शुरुआत की थी। करीब 15 वर्षों की सेवा के बाद वर्ष 1991 में उन्हें उच्च न्यायिक सेवा में पदोन्नत किया गया। वर्ष 2005 में वे जिला एवं सत्र न्यायाधीश बने।

इसके बाद 13 अप्रैल 2009 को उन्हें इलाहाबाद हाईकोर्ट में अतिरिक्त न्यायाधीश नियुक्त किया गया और 24 दिसंबर 2010 को स्थायी न्यायाधीश के रूप में शपथ दिलाई गई। वह 14 जनवरी 2011 को सेवानिवृत्त हुए। न्यायिक सेवा के दौरान उन्होंने लगभग 35 वर्षों तक विभिन्न जिम्मेदारियां निभाईं।

प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव इस वर्ष मई में प्रस्तावित थे, लेकिन अब इनके अगले वर्ष होने की संभावना जताई जा रही है। चूंकि आयोग को रिपोर्ट देने में छह महीने का समय लगेगा और इसी दौरान 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियां भी शुरू हो जाएंगी, इसलिए पंचायत चुनाव विधानसभा चुनाव के बाद कराए जाने की संभावना बढ़ गई है।

उत्तर प्रदेश में कुल 57,695 ग्राम पंचायतें, 826 क्षेत्र पंचायतें और 75 जिला पंचायतें हैं। इस तरह प्रदेश में कुल 58,596 पंचायत संस्थाओं के लिए चुनाव कराए जाने हैं।


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