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लखनऊ अग्निकांड के बाद देवरिया में बड़ी कार्रवाई, 7 कोचिंग संस्थान और 2 लाइब्रेरी सील

Bolta Sach News
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Deoria after the Lucknow fire
बोलता सच,देवरिया। लखनऊ के अलीगंज स्थित गेमिंग स्टूडियो अग्निकांड के बाद देवरिया जिला प्रशासन ने कोचिंग संस्थानों और लाइब्रेरी की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सख्त रुख अपनाया है। जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी के निर्देश पर बुधवार को जिले की सभी तहसीलों में प्रशासन, अग्निशमन विभाग और शिक्षा विभाग की संयुक्त टीमों ने व्यापक जांच अभियान चलाया। अभियान के दौरान सुरक्षा मानकों में गंभीर खामियां मिलने पर सात कोचिंग संस्थानों और दो लाइब्रेरी को सील कर दिया गया, जबकि 25 अन्य संस्थानों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं।
जिले भर में चलाए गए इस विशेष अभियान का उद्देश्य कोचिंग सेंटरों, लाइब्रेरी और अन्य शैक्षणिक संस्थानों में अग्नि सुरक्षा मानकों की स्थिति का आकलन करना था। जांच के दौरान कई संस्थानों में अग्निशमन यंत्रों की अनुपलब्धता, आपातकालीन निकास द्वारों की कमी, अग्निशमन विभाग की अनापत्ति प्रमाण पत्र (फायर एनओसी) का अभाव तथा अन्य सुरक्षा संबंधी कमियां पाई गईं।
शहर क्षेत्र में सदर उपजिलाधिकारी प्रवीण कुमार के नेतृत्व में गठित टीम ने कई प्रमुख कोचिंग संस्थानों का निरीक्षण किया। इस दौरान आकाश, मोमेंटम, विद्यापीठ, महेंद्रा, डीएनए और एनएसीएच समेत कई संस्थानों की जांच की गई। टीम को कई स्थानों पर सुरक्षा मानकों के पालन में लापरवाही मिली। संबंधित संचालकों को नोटिस जारी कर आवश्यक अभिलेख प्रस्तुत करने और कमियों को दूर करने के निर्देश दिए गए।
रुद्रपुर तहसील क्षेत्र में उपजिलाधिकारी अवधेश निगम के नेतृत्व में नौ कोचिंग संस्थानों और लाइब्रेरी का निरीक्षण किया गया। जांच के दौरान एक कोचिंग संस्थान में अग्निशमन यंत्र नहीं पाया गया, जिसके चलते उसे तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया। इसके अलावा दो लाइब्रेरी के विरुद्ध भी कार्रवाई की गई।
सलेमपुर में उपजिलाधिकारी दिशा श्रीवास्तव की अगुवाई में चलाए गए निरीक्षण अभियान में माई लाइब्रेरी, एसएस डिजिटल लाइब्रेरी और टारगेट क्लासेज लाइब्रेरी में गंभीर सुरक्षा खामियां सामने आईं। इन संस्थानों के पास अग्निशमन विभाग की एनओसी नहीं थी और न ही आपातकालीन निकास की पर्याप्त व्यवस्था पाई गई। इसके चलते प्रशासन ने इन संस्थानों को सील कर दिया।
बरहज और भाटपाररानी तहसील क्षेत्रों में भी जांच अभियान चलाया गया। बरहज में सुरक्षा मानकों की अनदेखी मिलने पर केशरी डिजिटल लाइब्रेरी को सील कर दिया गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि छात्रों की सुरक्षा से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा और नियमों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
इस अभियान के दौरान एक और महत्वपूर्ण तथ्य सामने आया। जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय के आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2017 से अब तक जिले में केवल 24 कोचिंग संस्थानों ने पंजीकरण कराया है। इनमें से 19 संस्थानों का पंजीकरण समाप्त हो चुका है और वर्तमान समय में केवल पांच कोचिंग संस्थानों का पंजीकरण वैध है। यह स्थिति जिले में संचालित निजी कोचिंग संस्थानों की निगरानी और नियमन को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है।
जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने कहा कि लखनऊ अग्निकांड जैसी घटनाओं से सबक लेते हुए जिले में सुरक्षा व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने कहा कि जांच अभियान आगे भी जारी रहेगा और जिन संस्थानों में सुरक्षा मानकों का पालन नहीं पाया जाएगा, उनके खिलाफ सीलिंग के साथ-साथ कठोर विधिक कार्रवाई भी की जाएगी।
प्रशासन की इस कार्रवाई से कोचिंग संचालकों में हड़कंप की स्थिति है। वहीं अभिभावकों और छात्रों ने अभियान का स्वागत करते हुए इसे सुरक्षा की दिशा में आवश्यक कदम बताया है। जिला प्रशासन ने सभी शिक्षण संस्थानों से निर्धारित मानकों का पालन सुनिश्चित करने और आवश्यक प्रमाणपत्रों को अद्यतन रखने की अपील की है।

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