सीएम योगी ने कहा कि अगर राज्य में “साइकिल चलती रहती” तो यूपी में दंगे भी चलते रहते। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा सरकार के दौरान माफियाओं को संरक्षण मिलता था और विकास कुछ चुनिंदा क्षेत्रों तक सीमित रहता था।
‘सपा सरकार में सैफई का विकास, बाकी प्रदेश उपेक्षित’
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकारों में विकास केवल सैफई तक सीमित था, जबकि उनकी सरकार ने सभी जिलों में समान रूप से विकास कार्य कराए हैं। उन्होंने दावा किया कि आज उत्तर प्रदेश में कोई दंगा करने की हिम्मत नहीं कर सकता।
कांग्रेस और सपा पर तुष्टिकरण का आरोप
योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर तुष्टिकरण की राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि इन दलों ने लंबे समय तक देश और प्रदेश में ऐसी नीतियां अपनाईं, जिससे समाज के एक वर्ग को प्राथमिकता दी गई और अन्य वर्ग उपेक्षित रहे।
उन्होंने नागरिकता संशोधन कानून (CAA) का जिक्र करते हुए कहा कि वर्तमान सरकार ने पहली बार विस्थापित हिंदुओं, सिखों, बौद्धों और जैन समुदायों को नागरिकता देने की पहल की।
‘विकास बनाम अराजकता’ का मुद्दा
सीएम योगी ने अपनी सरकार को “विकास आधारित शासन” बताते हुए कहा कि पहले जहां अपराध और अराजकता हावी थी, वहीं अब कानून का राज स्थापित हुआ है। उन्होंने विपक्ष पर विकास को बाधित करने का आरोप लगाया।
569 करोड़ की परियोजनाओं का लोकार्पण
इस मौके पर मुख्यमंत्री ने पीलीभीत के बरखेड़ा और बीसलपुर विधानसभा क्षेत्रों में 66 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया, जिनकी कुल लागत 569 करोड़ रुपये से अधिक बताई गई है। इसके अलावा मुरादाबाद क्षेत्र में भी 63 परियोजनाओं की शुरुआत की गई, जिनकी लागत 365 करोड़ रुपये से अधिक है।
कुल मिलाकर अपने दौरे में सीएम योगी ने एक ओर विकास कार्यों की सौगात दी, तो दूसरी ओर विपक्ष पर राजनीतिक हमलों से माहौल गर्म कर दिया।