योजना के अमल में आने के बाद हापुड़ शहर का विस्तार नए क्षेत्रों की ओर होने की उम्मीद है। प्रस्तावित कॉलोनी में सिर्फ मकानों के लिए जगह नहीं होगी, बल्कि व्यावसायिक गतिविधियों के लिए भी क्षेत्र विकसित किया जाएगा। इससे भविष्य में लोगों को आवास के साथ बाजार और रोजमर्रा की जरूरी सुविधाएं भी आसपास मिल सकेंगी।
22 गांवों में जमीन जुटाने की तैयारी
आवास विकास परिषद ने नई योजना के लिए नगर पालिका सीमा के आसपास स्थित गांवों को चिह्नित किया है। करीब 100 एकड़ क्षेत्र में कॉलोनी विकसित करने के लिए इन गांवों में जमीन उपलब्ध कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। जमीन मिलने के बाद योजना का विस्तृत खाका तैयार होने की संभावना है। इसमें आवासीय भूखंडों के अलावा सड़क, बाजार, सार्वजनिक सुविधाओं और अन्य जरूरी व्यवस्थाओं के लिए भी स्थान निर्धारित किया जा सकता है।
आवासीय क्षेत्र के साथ बनेगा व्यावसायिक जोन
नई कॉलोनी में आवासीय क्षेत्र के साथ व्यावसायिक क्षेत्र विकसित करने की भी योजना है। इसका उद्देश्य कॉलोनी में रहने वाले लोगों को रोजमर्रा की जरूरतों के लिए दूर न जाना पड़े। भविष्य में यहां दुकानें, बाजार और अन्य कारोबारी गतिविधियां विकसित होने की उम्मीद है। इसके अलावा लोगों के आवागमन को आसान बनाने के लिए परिवहन सुविधाओं के लिए भी जगह निर्धारित किए जाने की योजना है।
शहर पर बढ़ता दबाव होगा कम
हापुड़ में आबादी और निर्माण क्षेत्र लगातार बढ़ रहा है। शहर के मौजूदा इलाकों में बढ़ती आबादी के कारण आवास और बुनियादी सुविधाओं पर दबाव भी बढ़ रहा है। ऐसे में शहर के बाहरी हिस्से में योजनाबद्ध तरीके से नई कॉलोनी विकसित होने से मौजूदा क्षेत्रों पर दबाव कम करने में मदद मिल सकती है। नई योजना के तहत सड़क, आवास, बाजार और परिवहन जैसी सुविधाओं को एक व्यवस्थित क्षेत्र में विकसित करने की रूपरेखा तैयार की जा रही है। इससे शहर के विस्तार को भी नई दिशा मिलने की उम्मीद है।
लोगों को मिलेंगे नए आवासीय विकल्प
आवास विकास अधिकारी के अनुसार, हापुड़ में बढ़ती आबादी को देखते हुए भविष्य के लिए नई आवासीय योजनाओं की जरूरत महसूस की जा रही है। करीब 100 एकड़ में प्रस्तावित यह योजना यदि जमीन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद धरातल पर आती है, तो लोगों को नए आवासीय विकल्प मिलेंगे।
साथ ही आवासीय और व्यावसायिक गतिविधियों को एक ही क्षेत्र में विकसित करने से भविष्य में यह इलाका हापुड़ के नए प्रमुख क्षेत्र के रूप में उभर सकता है। हालांकि, योजना का अंतिम स्वरूप जमीन की उपलब्धता और आगे की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।