अखिलेश यादव ने यह वीडियो अपने एक्स हैंडल पर शेयर करते हुए लिखा कि उन्हें अपनी बहनों का साथ मिलेगा और मिलकर पीडीए सरकार बनाई जाएगी। वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इसे लेकर अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं।
2027 चुनाव को लेकर सक्रिय अखिलेश
अखिलेश यादव यूपी विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों में लगातार जुटे हुए हैं। वह प्रदेश के अलग-अलग इलाकों का दौरा कर लोगों से मुलाकात कर रहे हैं और पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ भी बैठकें कर रहे हैं। सपा प्रमुख लगातार पीडीए यानी पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक वर्ग को पार्टी की रणनीति के केंद्र में रखने की बात करते रहे हैं। युवती के साथ बातचीत का वीडियो सामने आने के बाद सपा समर्थकों ने इसे जनता के बीच अखिलेश यादव की लोकप्रियता से जोड़कर देखा, जबकि विरोधियों ने सोशल मीडिया पर अलग-अलग टिप्पणियां कीं।
सोशल मीडिया पर आए तरह-तरह के कमेंट
वीडियो पर कुछ यूजर्स ने अखिलेश यादव का समर्थन किया। एक यूजर ने दावा किया कि बीजेपी सरकार से बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग समेत समाज के कई वर्ग परेशान हैं। वहीं, एक अन्य यूजर ने पीडीए को लेकर टिप्पणी करते हुए कहा कि अगर पीडीए एकजुट हुआ तो सपा की सरकार बन सकती है।
दूसरी ओर, कुछ यूजर्स ने अखिलेश यादव और समाजवादी पार्टी पर निशाना साधा। कुछ टिप्पणियों में पीडीए की राजनीति और सपा के पुराने विवादों को लेकर कटाक्ष किया गया। इस तरह वीडियो को लेकर सोशल मीडिया पर समर्थकों और विरोधियों के बीच बहस देखने को मिली।
भाजपा से अखिलेश ने पूछा- 2014 से अब तक क्या बदला?
इस बीच अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार पर भी कई मुद्दों को लेकर हमला बोला। लखनऊ में वीरांगना अवंतीबाई लोधी की जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण के बाद पत्रकारों से बातचीत में सपा प्रमुख ने भाजपा से सवाल किया कि 2014 से अब तक देश में क्या बदलाव आया है। उन्होंने देश की सीमाओं की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठाए। अखिलेश ने परिसीमन, विदेश नीति, आतंकवाद और नक्सलवाद जैसे मुद्दों को महत्वपूर्ण बताते हुए सरकार से जवाब मांगा।
E20 पेट्रोल को लेकर भी सरकार पर निशाना
अखिलेश यादव ने महंगाई को लेकर भी केंद्र सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि आम लोगों पर महंगाई का दबाव बढ़ रहा है। इसके साथ ही उन्होंने पेट्रोल में E20 मिश्रण को लेकर सरकार से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की। ऐसे में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले अखिलेश यादव का लगातार जनसंपर्क और सरकार पर हमलावर रुख यह संकेत दे रहा है कि समाजवादी पार्टी चुनावी अभियान को लेकर अभी से सक्रिय हो गई है।