बोलता सच,पीलीभीत : पीलीभीत में ईंधन बचत को लेकर जिला प्रशासन ने नई पहल शुरू की है। ज्ञानेंद्र सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अपील के बाद जिले में ईंधन संरक्षण अभियान की शुरुआत की। इस पहल के तहत डीएम ने सबसे पहले अपनी सुरक्षा में लगे एस्कॉर्ट वाहन को हटाकर उदाहरण पेश किया।
दरअसल, ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव और युद्ध जैसे हालात के कारण दुनिया भर में ईंधन संकट की आशंका जताई जा रही है। इसी को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कई बार देशवासियों से ईंधन बचाने की अपील की है। इसके बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी मंत्रियों के काफिले में लगे अतिरिक्त वाहनों को हटाने के निर्देश दिए थे।
इसी क्रम में पीलीभीत डीएम ज्ञानेंद्र सिंह ने जिले के अधिकारियों को निर्देश दिया कि जो अधिकारी कलेक्ट्रेट परिसर के पास स्थित ऑफिसर्स कॉलोनी में रहते हैं, वे कोशिश करें कि पैदल ही कार्यालय आएं। उन्होंने कहा कि वाहनों का उपयोग केवल अति आवश्यक परिस्थितियों में ही किया जाए।
ज्ञानेंद्र सिंह उत्तर प्रदेश कैडर के 2014 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। वह प्रशासनिक अनुभव और जनहित से जुड़े फैसलों के लिए जाने जाते हैं। इससे पहले वह नगर आयुक्त और एडीए उपाध्यक्ष जैसे अहम पदों पर भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं।
पीलीभीत में उनके कार्यकाल के दौरान कई महत्वपूर्ण पहलें चर्चा में रहीं। उन्होंने पीलीभीत टाइगर रिजर्व के ईको-टूरिज्म को बढ़ावा देने के साथ-साथ जिले के प्रसिद्ध बांसुरी उद्योग को भी नई पहचान दिलाने का काम किया। सरकारी योजनाओं के पारदर्शी क्रियान्वयन, अवैध अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई और अमृत सरोवरों के विकास जैसे कार्यों के कारण भी उनकी कार्यशैली की सराहना होती रही है।
डीएम की अपील का असर प्रशासनिक अधिकारियों पर भी देखने को मिला। सिटी मजिस्ट्रेट विजय वर्धन तोमर, एआर कोऑपरेटिव प्रदीप सिंह समेत कई अधिकारी अपने आवास से पैदल ही कलेक्ट्रेट पहुंचे। अधिकारियों ने कहा कि ईंधन बचत के लिए यह छोटी लेकिन जरूरी पहल है, जिससे आम लोगों को भी प्रेरणा मिलेगी।
जिला प्रशासन का मानना है कि यदि छोटे स्तर पर भी ईंधन बचत की आदत विकसित की जाए तो इसका बड़ा सकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। प्रशासन अब इस अभियान को जनजागरूकता से जोड़कर आगे बढ़ाने की तैयारी में है।
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