धरने को संबोधित करते हुए गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक निर्वाचन खंड के विधायक ध्रुव कुमार त्रिपाठी ने कहा कि शिक्षकों को मिली सभी उपलब्धियां लंबे संघर्ष का परिणाम हैं। उन्होंने कहा कि पुरानी पेंशन बहाली की लड़ाई अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुकी है और जल्द सकारात्मक परिणाम आने की उम्मीद है।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2005 से पहले विज्ञापित पदों पर नियुक्त शिक्षकों को पुरानी पेंशन का लाभ मिल रहा है और विषय विशेषज्ञों को भी जल्द इसका लाभ मिलने की संभावना है। साथ ही उन्होंने विधान परिषद में निःशुल्क चिकित्सा सुविधा और समान कार्य के लिए समान वेतन की मांग उठाने की बात कही।
विधायक त्रिपाठी ने वित्तविहीन शिक्षकों को शिक्षक का दर्जा देने, उनकी सेवा शर्तें तय करने और सम्मानजनक मानदेय सुनिश्चित करने की मांग भी दोहराई। उन्होंने साफ कहा कि शिक्षक, शिक्षा और शिक्षार्थियों के सम्मान से कोई समझौता नहीं होगा और जरूरत पड़ी तो ‘जेल भरो’ आंदोलन भी किया जाएगा।
जिलाध्यक्ष दिनेश कुमार त्रिपाठी ने कहा कि संगठन की हर उपलब्धि संघर्ष का परिणाम रही है। उन्होंने वेतन वितरण अधिनियम, चयन वेतनमान, पेंशन और वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू कराने में संगठन की भूमिका को अहम बताया।
प्रदेश संयुक्त मंत्री अक्षय सिंह ने कहा कि शिक्षक अपने अधिकारों के लिए देवरिया से लेकर लखनऊ तक आंदोलन करेंगे। जिलामंत्री विजय भारत सिंह ने युवा शिक्षकों से आंदोलन में सक्रिय भागीदारी की अपील की।
धरने में बड़ी संख्या में शिक्षक शामिल हुए, जिनमें रवि प्रताप सिंह, राजेश कुमार शुक्ल, धनंजय, महेंद्र प्रसाद, जितेंद्र सिंह, नीरजा सिंह, विमलेश यादव, आशीष सरोज, प्रमोद कुमार, डॉ. सीमा, नवीन चंद्र शर्मा, घनश्याम सिंह, भगवान गुप्ता, उमेश पांडेय और डॉ. हरेंद्र मौर्य समेत हजारों शिक्षक मौजूद रहे।