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तरकुलवा: डेढ़ महीने में दो रहस्यमय हत्याओं से दहशत, पुलिस के हाथ अब तक खाली

Bolta Sach News
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Argument over mobile phone

बोलता सच देवरिया : तरकुलवा थाना क्षेत्र में डेढ़ महीने के भीतर हुई दो हत्याओं ने पूरे इलाके में सनसनी और दहशत फैला दी है। दोनों ही मामलों में पुलिस को अभी तक ठोस सुराग नहीं मिल पाया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी मौत के कारण स्पष्ट न होने से जांच और उलझ गई है। पुलिस दोनों मामलों की तह तक जाने के लिए विसरा रिपोर्ट का इंतजार कर रही है, जबकि पीड़ित परिवार और ग्रामीण इन घटनाओं को सुनियोजित हत्या मान रहे हैं।

पहला मामला: हीरालाल शर्मा की मौत

नौ अगस्त की रात बंजरिया गांव निवासी 40 वर्षीय हीरालाल शर्मा, जो गांव के चौराहे पर टेंट हाउस में काम करता था और डीजे सिस्टम चलाता था, बाइक से निकला था। देर रात तक वह घर नहीं लौटा। अगली सुबह ग्रामीणों ने उसका शव गांव के पश्चिम स्थित एक निजी स्कूल के पास धान के खेत में पाया। वहीं उसकी बाइक खड़ंजा सड़क पर खड़ी मिली। इस वारदात ने पूरे गांव को हिला दिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो सका, जिसके चलते पुलिस ने विसरा जांच रिपोर्ट के लिए नमूने सुरक्षित कर भेजे हैं।

पुलिस ने स्कूल के सीसीटीवी फुटेज खंगाले और करीब आधा दर्जन लोगों के मोबाइल कॉल डिटेल्स की जांच कराई। साथ ही कई बार हीरालाल की पत्नी और परिवार से पूछताछ भी की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस सुराग हाथ नहीं लग सका है।

दूसरा मामला: मासूम प्रिया की हत्या

हीरालाल हत्याकांड की गुत्थी अभी सुलझ भी नहीं पाई थी कि बरवा सेमरा गांव में दूसरी घटना ने पूरे इलाके को दहला दिया। शनिवार की शाम गांव निवासी राजू यादव की पांच वर्षीय बेटी प्रिया यादव अपने घर के बगल स्थित शिव मंदिर परिसर में सहेलियों के साथ खेल रही थी। खेल के दौरान वह अचानक लापता हो गई। परिजनों और ग्रामीणों ने पुलिस की मदद से देर रात तक खोजबीन की, लेकिन बच्ची का कोई सुराग नहीं मिला।

अगले दिन रविवार को मासूम का शव घर से कुछ दूरी पर गन्ने के खेत में बरामद हुआ। इस मामले में भी पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो पाया। पुलिस ने शव का विसरा सुरक्षित कर जांच के लिए भेज दिया है।

इलाके में दहशत और नाराजगी

लगातार दो हत्याओं ने पूरे क्षेत्र में भय और आक्रोश का माहौल पैदा कर दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस की जांच प्रक्रिया धीमी और ढीली है। अपराधियों का कोई सुराग न मिल पाने से लोग सुरक्षा को लेकर असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। उधर, राजनीतिक दलों के नेताओं का पीड़ित परिवारों से मिलने का सिलसिला जारी है। लोग पुलिस से मांग कर रहे हैं कि जल्द से जल्द आरोपियों को गिरफ्तार किया जाए और सच्चाई सामने लाई जाए, ताकि क्षेत्र में शांति और भरोसा बहाल हो सके।


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