बोलता सच,जामताड़ा : झारखंड के कुख्यात गैंगस्टर सुजीत सिन्हा की रविवार देर रात जामताड़ा में पुलिस मुठभेड़ में मौत हो गई। हत्या, रंगदारी, अपहरण, आर्म्स एक्ट समेत 75 से अधिक आपराधिक मामलों में आरोपी सुजीत सिन्हा पिछले दो दशकों से झारखंड के कई जिलों में संगठित अपराध का बड़ा चेहरा माना जाता था।
कैदी वाहन से भागने की कोशिश, पुलिस ने की जवाबी कार्रवाई
पुलिस के अनुसार, पलामू के चर्चित दोहरे हत्याकांड में उम्रकैद की सजा काट रहा सुजीत सिन्हा रविवार को साहिबगंज मंडल कारा से धनबाद मंडल कारा ले जाया जा रहा था। जामताड़ा जिले में साहिबगंज-गोविंदपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर सुरक्षा काफिले की एक गाड़ी का टायर पंचर हो गया। इसी दौरान उसे दूसरे वाहन में स्थानांतरित किया जा रहा था।
पुलिस का दावा है कि मौके का फायदा उठाकर सुजीत ने एक जवान का हथियार छीन लिया और भागने की कोशिश करते हुए पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में वह गंभीर रूप से घायल हो गया और बाद में उसकी मौत हो गई।
फॉरेंसिक जांच और मजिस्ट्रेट जांच शुरू
घटना के बाद जामताड़ा पुलिस ने पूरे इलाके को घेरकर जांच शुरू की। फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की टीम ने घटनास्थल से वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए, जबकि वरिष्ठ अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण किया।
पुलिस ने बताया कि राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) के दिशा-निर्देशों के अनुसार पोस्टमार्टम डॉक्टरों के बोर्ड से कराया जा रहा है और पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी की जा रही है। साथ ही मुठभेड़ की मजिस्ट्रेट जांच शुरू कर दी गई है।
डॉन के शूटर से बना बड़ा गैंगस्टर
मेदिनीनगर (पलामू) निवासी सुजीत सिन्हा ने अपराध की दुनिया में शुरुआत हजारीबाग के कुख्यात अपराधी सुशील श्रीवास्तव के शूटर के रूप में की थी। बाद में उसने अपना अलग गिरोह बनाया और धनबाद, बोकारो, रामगढ़, रांची, पलामू, लातेहार, चतरा समेत कई जिलों में रंगदारी का नेटवर्क खड़ा कर लिया।
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक उसका गिरोह कोयला कारोबारियों, रेलवे ठेकेदारों, बिल्डरों और अन्य व्यवसायियों से लेवी वसूलने के लिए कुख्यात था। जांच एजेंसियों का दावा है कि जेल में बंद रहने के बावजूद वह मोबाइल फोन और अपने सहयोगियों के माध्यम से पूरे नेटवर्क का संचालन करता था।
पत्नी और नेटवर्क की भी जांच
पुलिस का आरोप है कि सुजीत सिन्हा की पत्नी रिया सिन्हा और उसके अन्य सहयोगी रंगदारी से प्राप्त धन के प्रबंधन और गिरोह के संचालन में सक्रिय भूमिका निभाते थे। हाल के महीनों में पुलिस ने गिरोह के कई सदस्यों को गिरफ्तार करने और हथियार बरामद करने का दावा भी किया था।
जांच एजेंसियों के अनुसार, सुजीत सिन्हा के नेटवर्क के तार धनबाद के फरार गैंगस्टर प्रिंस खान के गिरोह से भी जुड़े होने की आशंका है। इसके अलावा कथित हवाला नेटवर्क, विदेश से संचालित रंगदारी सिंडिकेट और आधुनिक हथियारों की आपूर्ति से जुड़े पहलुओं की भी जांच की जा रही है।
संवेदनशील जिलों में अलर्ट
सुजीत सिन्हा के एनकाउंटर के बाद झारखंड पुलिस ने धनबाद, रांची, पलामू, रामगढ़, जामताड़ा सहित कई संवेदनशील जिलों में सतर्कता बढ़ा दी है। पुलिस को आशंका है कि गिरोह के बचे हुए सदस्य या प्रतिद्वंद्वी अपराधी सक्रिय हो सकते हैं। इसी को देखते हुए खुफिया एजेंसियों को भी अलर्ट पर रखा गया है।
इसे भी पढ़े : ‘सुपर सुखोई’ मिशन तेज: भारतीय वायुसेना बढ़ाएगी Su-30MKI की ताकत, HAL हर साल बनाएगा 50 इंजन
➤ You May Also Like
Discover more from Bolta Sach News - बोलता सच न्यूज़ - सच लिखने का साहस
Subscribe to get the latest posts sent to your email.
























































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































