सवाल: महोली रोड के बलदेव पुरी एक्सटेंशन निवासी सुधीर कृष्ण नरूला ने बताया कि वह किराए के घर में रहते हैं, लेकिन अब ट्रांसपोर्ट नगर में नया मकान ले लिया है। उनका गणना प्रपत्र नहीं भरा गया और स्थानीय बीएलओ भी कोई जानकारी नहीं दे रहे। अब क्या करें?
जवाब: ऐसे मामलों में उनका मूल पते पर गणना प्रपत्र पहुँचा होगा। वे 2003 में जिस स्थान पर उनके पूर्वजों का मतदान हुआ, उस बूथ के बीएलओ से संपर्क करें, वहीं समस्या का समाधान हो जाएगा।
सवाल: मांट तहसील के खाजपुर निवासी जयपाल का कहना है कि बीएलओ ने उन्हें गणना प्रपत्र नहीं दिया, जबकि ऑनलाइन वे और उनकी पत्नी मतदाता सूची में दिख रहे हैं, पर बीएलओ कह रहे हैं कि 2003 की सूची में नाम नहीं है।
जवाब: संभव है बीएलओ से भूल हुई हो। वे बूथ पर जाकर बीएलओ या प्रधान से संपर्क करें, वहां एसआईआर की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी।
सवाल: बरसाना के रमेश कुमार ने बताया कि उनका गणना प्रपत्र गलत भर गया है और उसकी फीडिंग भी हो चुकी है। अब क्या करना चाहिए?
जवाब: वे बूथ पर जाकर बीएलओ की सहायता से ऑनलाइन माध्यम से गणना प्रपत्र दोबारा संशोधित करा सकते हैं।
सवाल: गोविंद नगर की महाविद्या कॉलोनी के यतेंद्र का कहना है कि उनका नाम 2003 की सूची से गायब है, ऐसे में वे गणना प्रपत्र नहीं भर पा रहे।
जवाब: उन्हें बूथ पर जाकर बीएलओ से संपर्क करना चाहिए। फिर पूर्वजों की 2003 की सूची निकलवाकर उसी के आधार पर प्रक्रिया पूरी की जा सकती है।
सवाल: जयसिंहपुरा निवासी हाकिम सिंह ने पूछा कि उनके बेटों का नाम 2003 की सूची में नहीं है, ऐसे में नाम कैसे जोड़ा जाए?
जवाब: इस अभियान के बाद नए मतदाताओं का नाम जोड़ने के लिए फॉर्म-6 भरा जाएगा। प्रक्रिया पूरी होने पर पहचान पत्र जारी कर दिया जाएगा।