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यूजीसी के नए नियमों पर बृजभूषण शरण सिंह का तीखा विरोध, बोले—समाज को बांटने वाला कानून, वापस नहीं हुआ तो होगा बड़ा आंदोलन

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Brijbhushan on the new UGC rules

बोलता सच,गोंडायूजीसी द्वारा लागू किए गए नए नियमों के खिलाफ कैसरगंज से भाजपा के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने बुधवार को खुलकर मोर्चा खोल दिया। विश्नोहरपुर स्थित अपने आवास पर आयोजित प्रेस वार्ता में उन्होंने इस कानून को सामाजिक एकता के लिए घातक बताते हुए केंद्र सरकार से इसे तत्काल वापस लेने की मांग की।

पूर्व सांसद ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि सरकार ने इस नियम को वापस नहीं लिया तो इसके विरोध में बड़ा आंदोलन खड़ा किया जाएगा, जिसमें समाज के हर वर्ग के लोग शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि समाज को जोड़ने की जरूरत है, न कि उसे जातियों में बांटने की।

“गांव में भेदभाव नहीं, कानून बना रहा दूरी”

अपने आवास परिसर में खेल रहे बच्चों की ओर इशारा करते हुए बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि यहां सवर्ण, अनुसूचित और ओबीसी समाज के बच्चे एक साथ खेलते हैं, साथ बैठकर खाते हैं और बिना किसी भेदभाव के रहते हैं।
उन्होंने सवाल उठाया कि क्या आने वाले समय में ऐसा माहौल बनाया जाएगा, जहां किसी दलित या पिछड़े वर्ग के व्यक्ति का इस घर में प्रवेश भी प्रतिबंधित हो जाए? उन्होंने कहा कि यही स्थिति यह कानून पैदा कर सकता है।

पूर्व सांसद ने कहा कि समाज की वास्तविक स्थिति गांवों में देखने को मिलती है, न कि दफ्तरों में बैठकर बनाए गए नियमों में। गांवों में आज भी सभी जाति और वर्ग मिल-जुलकर रहते हैं।

सामाजिक समरसता पर संकट का आरोप

बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि सवर्ण समाज को चाहिए कि वह पिछड़े और दलित समाज के प्रबुद्ध लोगों से संवाद स्थापित करे और मिलकर इस कानून का विरोध करे।
उन्होंने हाल में आयोजित राष्ट्र कथा कार्यक्रम का जिक्र करते हुए बताया कि 52 जातियों और समाजों के धर्मगुरुओं के साथ मिलकर ‘सनातन वाटिका’ का निर्माण किया जा रहा है, जो सामाजिक एकता का प्रतीक है। उनका आरोप है कि सरकार द्वारा लाया गया यह नियम उस समरसता के प्रयास को कमजोर करता है।

“गलती व्यक्ति की हो, जाति को आरोपी न बनाएं”

पूर्व सांसद ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति अपराध करता है तो उसे सजा मिलनी चाहिए, लेकिन पूरी जाति को कटघरे में खड़ा करना न्यायसंगत नहीं है। उन्होंने कहा कि पूर्व में बने कानूनों का दुरुपयोग हुआ है और अत्याचार पूरी तरह खत्म नहीं हो सके।
उन्होंने दो टूक कहा कि वे इस नियम के पूरी तरह विरोध में हैं और आवश्यकता पड़ने पर व्यापक जनआंदोलन किया जाएगा।

सांसद बेटे और विधायक भाई ने भी जताया विरोध

इस मुद्दे पर पूर्व सांसद के बेटे और कैसरगंज सांसद करण भूषण सिंह ने भी सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यूजीसी के नए नियमों को लेकर उनके खिलाफ भ्रम फैलाया जा रहा है।
करण भूषण सिंह ने स्पष्ट किया कि जिस संसदीय स्थायी समिति के वह सदस्य हैं, उसका इन नियमों के निर्माण में कोई योगदान नहीं है। उन्होंने यूजीसी से मांग की कि वह जनभावनाओं का सम्मान करते हुए नियमों की समीक्षा करे।

वहीं, इससे पहले गोंडा सदर से विधायक और बृजभूषण शरण सिंह के बड़े बेटे प्रतीक भूषण सिंह भी यूजीसी के नए नियमों के खिलाफ अपना विरोध दर्ज करा चुके हैं।


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