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बांग्लादेश में छात्र नेता हादी की मौत से भड़का तनाव, पूर्व रॉ एजेंट का बड़ा दावा—“चुनाव से पहले रची गई साजिश”

Bolta Sach News
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Bangladesh student leader Hadi
बोलता सच,नई दिल्ली : बांग्लादेश में भारत-विरोधी छात्र नेता शरीफ उस्मान हादी की मौत के बाद देशभर में तनाव गहरा गया है। अब तक हत्यारों की गिरफ्तारी नहीं होने से राजधानी ढाका सहित कई शहरों में हालात बिगड़ गए हैं। कई इलाकों में हिंसा और आगजनी की घटनाएं सामने आई हैं। हालांकि, मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार ने लोगों से संयम बरतने की अपील की है, लेकिन माहौल अब भी तनावपूर्ण बना हुआ है।
इसी बीच भारत के पूर्व रॉ एजेंट लकी बिष्ट ने इस मामले में सनसनीखेज आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि जमात-ए-इस्लामी, आईएसआई और कुछ कट्टरपंथी ताकतें चुनावी फायदे के लिए किसी भी हद तक जा सकती हैं। बिष्ट का कहना है कि सत्ता और चुनावी लाभ के लिए अपने ही नेता की हत्या करवा देना भी इन तत्वों की रणनीति का हिस्सा हो सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि हादी की मौत मौके पर ही हो गई थी, लेकिन राजनीतिक दिखावे के लिए शव को इलाज के नाम पर सिंगापुर भेजा गया।

लकी बिष्ट ने एक कथित वीडियो का हवाला देते हुए कहा कि बांग्लादेश के एक अधिकारी ने भी यह माना है कि हादी को “बलि का बकरा” बनाया गया। उन्होंने बांग्लादेश की जनता को आगाह करते हुए कहा कि अगर मौजूदा हालात और साजिशों को नहीं समझा गया, तो देश एक बार फिर बाहरी ताकतों के प्रभाव में आ सकता है।
गौरतलब है कि 12 दिसंबर को नकाबपोश हमलावरों ने मध्य ढाका के विजयनगर इलाके में उस समय हादी को सिर में गोली मार दी थी, जब वह अपना चुनाव प्रचार शुरू कर रहे थे। बाद में इलाज के दौरान सिंगापुर में उनकी मौत हो गई। हादी शेख हसीना के मुखर विरोधी के तौर पर उभर रहे थे।
बांग्लादेश मामलों के जानकारों का मानना है कि हादी की हत्या के बाद फैलाई जा रही हिंसा फरवरी में प्रस्तावित चुनावों को टालने की सुनियोजित कोशिश हो सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार, अंतरिम सरकार अपनी प्रशासनिक विफलताओं से ध्यान हटाने के लिए भारत को निशाना बनाया जा रहा है, जबकि देश में कानून-व्यवस्था की स्थिति स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव के अनुकूल नहीं रह गई है।

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