पार्टी संगठन चुनाव प्रक्रिया को डेढ़ साल से अधिक समय बीत चुका है और जिला कार्यकारिणियों का गठन पहले ही हो चुका है। अब सभी की नजरें क्षेत्रीय अध्यक्षों और नई प्रदेश कार्यकारिणी के गठन पर टिकी हैं। बताया जा रहा है कि प्रदेश की नई टीम लगभग तैयार है और उस पर अंतिम समीक्षा की जा रही है।
रविवार को विनोद तावड़े ने प्रदेश भाजपा कार्यालय में सबसे पहले प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी से मुलाकात की। इसके बाद उन्होंने प्रदेश महामंत्री (संगठन) धर्मपाल सिंह के साथ वन-टू-वन बैठक की। इसी क्रम में उन्होंने डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक और केशव प्रसाद मौर्य से भी मुलाकात कर संगठन और सरकार से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उस दिन व्यस्त कार्यक्रमों के कारण मुलाकात नहीं कर सके, लेकिन सोमवार को उनके साथ बैठक प्रस्तावित है। इस बैठक में मंत्रिमंडल विस्तार के साथ-साथ विभिन्न आयोगों, बोर्डों और निगमों में खाली पदों पर नियुक्तियों को लेकर भी चर्चा होगी।
लखनऊ में मंथन के बाद प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी तुरंत नई दिल्ली रवाना हो गए, जहां उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। सूत्रों के अनुसार, इस दौरान प्रदेश की नई टीम, मंत्रिमंडल विस्तार और संगठन के कामकाज को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। साथ ही आगामी चुनावों की रणनीति पर भी विचार-विमर्श किया गया।
पार्टी नेतृत्व 2027 के विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए संगठन को मजबूत करने में जुटा है। इसके लिए न केवल वर्तमान पदाधिकारियों बल्कि पूर्व पदाधिकारियों से भी फीडबैक लिया जा रहा है। भूपेंद्र चौधरी, सूर्य प्रताप शाही और रमापति राम त्रिपाठी जैसे पूर्व प्रदेश अध्यक्षों से भी अलग-अलग मुलाकात कर सुझाव लिए गए।
दरअसल, संगठन चुनाव प्रक्रिया लंबे समय से चल रही है और साथ ही निगमों, बोर्डों व आयोगों में खाली पदों पर नियुक्तियों का भी इंतजार है। ऐसे में पार्टी नेतृत्व चाहता है कि इन सभी प्रक्रियाओं को जल्द पूरा कर नई ऊर्जा के साथ चुनावी तैयारियों में जुटा जाए।
सूत्रों के मुताबिक, सबसे पहले क्षेत्रीय अध्यक्षों की घोषणा की जाएगी, जो इसी महीने के अंत तक संभव है। इसके बाद मई में नई प्रदेश कार्यकारिणी का गठन होगा और साथ ही विभिन्न संस्थाओं में नियुक्तियां की जाएंगी। इसके बाद जल्द ही मंत्रिमंडल विस्तार भी किया जाएगा।